SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, Magnum Ventures ने 1 अप्रैल, 2026 से अपने डायरेक्टर्स, ऑफिसर्स और डेजिग्नेटेड इम्प्लॉईज (Designated Employees) के लिए कंपनी के शेयरों के कारोबार पर रोक लगा दी है। इसे 'क्वाइट पीरियड' (Quiet Period) भी कहा जाता है, जो कंपनी के वित्तीय नतीजों की सार्वजनिक घोषणा से पहले लागू होता है।
Q3 FY26 के नतीजे
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर से पहले, कंपनी ने अपने Q3 FY26 (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही) के नतीजे जारी किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल की इसी अवधि के ₹45.10 करोड़ से बढ़कर ₹50.25 करोड़ हो गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) ₹1.80 करोड़ से बढ़कर ₹2.50 करोड़ पर पहुंच गया।
इसके अलावा, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹138.78 करोड़ रहा, और नेट प्रॉफिट ₹7.16 करोड़ दर्ज किया गया।
आगे क्या?
इस बंद अवधि के दौरान, कंपनी के प्रमुख व्यक्ति Magnum Ventures के शेयरों का कारोबार नहीं कर पाएंगे। यह रोक कंपनी के 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले पूरे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी।
Magnum Ventures रियल एस्टेट डेवलपमेंट, ट्रेडिंग और फिल्म प्रोडक्शन जैसे कई सेक्टर्स में सक्रिय है। रियल एस्टेट में इसका स्केल Godrej Properties जैसे बड़े डेवलपर्स की तुलना में छोटा है, और फिल्म प्रोडक्शन सेगमेंट में भी वोलेटिलिटी (volatility) देखी जाती है।
