क्यों बंद की गई ट्रेडिंग विंडो?
यह कदम SEBI के नियमों के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य मकसद इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना और सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित करना है। ट्रेडिंग विंडो बंद होने के दौरान, कंपनी के अंदरूनी लोगों (Insiders) और उनके करीबी रिश्तेदारों को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने की इजाजत नहीं होती है। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी अपने FY26 के पूरे साल के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को सार्वजनिक नहीं कर देती।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Leo Dryfruits & Spices Trading Limited की स्थापना नवंबर 2019 में हुई थी। यह कंपनी अपने VANDU ब्रांड के तहत मसाले और सूखे मेवे (Dry Fruits) बनाती और बेचती है। इसके अलावा, FRYD ब्रांड के तहत फ्रोजन प्रोडक्ट्स भी कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल हैं। यह B2B, B2C और D2C जैसे विभिन्न ग्राहक वर्गों को अपनी सेवाएं देती है।
पिछली गतिविधियां और आगे की राह
कंपनी ने पहले भी इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की प्रक्रिया अपनाई है। हाल ही में, H1 FY26 के नतीजों के लिए 1 अक्टूबर, 2025 से एक विंडो बंद की गई थी। Leo Dryfruits ने हाल के दिनों में कई रणनीतिक कदम भी उठाए हैं, जिसमें एक कैटरिंग सहायक कंपनी का गठन और Haldiram Marketing Private Limited के साथ एक महत्वपूर्ण सप्लाई एग्रीमेंट शामिल है।
वित्तीय स्थिति पर एक नजर
31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए फिस्कल ईयर के लिए, Leo Dryfruits & Spices Trading Limited ने ₹87.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। कंपनी के वर्किंग कैपिटल डेज (Working Capital Days) में भी बढ़ोतरी देखी गई थी, जो पहले 170 दिन से बढ़कर 257 दिन हो गए थे।
निवेशक अब कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जहां FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी। इन नतीजों और कंपनी की ओर से किसी भी आगे की गाइडेंस का ऐलान महत्वपूर्ण होगा।