CFO के पद से इस्तीफा, Director की भूमिका पर फोकस
LANDMARC Leisure Corporation Limited के लिए यह एक अहम फेरबदल है। महादेवन रमननाथन कवासरी, जो कंपनी के CFO रहे हैं, 21 मार्च 2026 से अपने इस पद से हट जाएंगे। कवासरी का कहना है कि वे अब पूरी तरह से अपनी होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-time Director) की जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहते हैं, ताकि कंपनी के ऑपरेशनल मैनेजमेंट और ग्रोथ में और गहराई से योगदान दे सकें।
SEBI की नज़र में कंपनी, बढ़ीं मुश्किलें
यह बदलाव ऐसे वक्त हो रहा है जब LANDMARC Leisure रेगुलेटरी जांच के दायरे में है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के खातों की जांच के लिए एक फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है। इस बीच, कंपनी को एक नए CFO की तलाश करनी होगी जो वित्तीय संचालन की कमान संभाल सके।
लीडरशिप का अनुभव और कंपनी का बिज़नेस
महादेवन रमननाथन कवासरी लगभग एक दशक से LANDMARC Leisure से जुड़े हुए हैं। वे जून 2016 से होल-टाइम डायरेक्टर के पद पर थे और जनवरी 2022 में उन्होंने CFO का अतिरिक्त कार्यभार संभाला था। LANDMARC Leisure वेलनेस, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट और फिल्म प्रोडक्शन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करती है।
गिरते नतीजे और कंपनी पर दबाव
हाल के वित्तीय नतीजे कंपनी के लिए चिंताजनक रहे हैं। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में, कंपनी ने ₹0.19 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया। वहीं, 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में रेवेन्यू (Revenue) सिर्फ ₹1.24 करोड़ रहा। नवंबर 2025 में, कंपनी को लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट (Limited Review Report) अटैच करने में हुई गलती के कारण अपने वित्तीय दस्तावेज़ों को फिर से अपलोड करना पड़ा था।
आगे क्या होगा?
कवासरी के डायरेक्टर की भूमिका पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के साथ, निवेशक कंपनी के ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और नई ग्रोथ पहलों पर नज़र रखेंगे। हालांकि, कंपनी के सामने कुछ बड़े रिस्क (Risk) भी हैं। SEBI द्वारा कराया जा रहा फोरेंसिक ऑडिट रेगुलेटरी जोखिम पैदा करता है, जिसके नतीजे कंपनी के संचालन या प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके अलावा, LANDMARC Leisure ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत SKM ग्रुप के लिए ₹6376.71 लाख का एक बड़ा क्लेम (Claim) दायर किया है, जो संभावित वित्तीय उलझनों की ओर इशारा करता है।
क्या हैं निवेशकों के लिए खास?
निवेशक अब कंपनी द्वारा नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की नियुक्ति की प्रक्रिया और समय-सीमा पर बारीकी से नज़र रखेंगे। साथ ही, SEBI फोरेंसिक ऑडिट के अपडेट्स और SKM ग्रुप के IBC रेज़ोल्यूशन (Resolution) में प्रगति भी अहम होगी। कंपनी के भविष्य के वित्तीय नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री भी अहम रहने वाली है।
