इनसाइडर ट्रेडिंग पर SEBI का शिकंजा!
यह कदम कंपनी के वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजों की घोषणा से ठीक पहले उठाया गया है, जो कि SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाने वाले नियमों का एक अनिवार्य हिस्सा है। इस नियम के तहत, कंपनी के 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) और उनके करीबी रिश्तेदार, जब तक कंपनी के पास गैर-सार्वजनिक वित्तीय जानकारी हो, तब तक कंपनी के शेयर का ट्रेड नहीं कर पाएंगे। इसका मकसद बाजार की निष्पक्षता बनाए रखना और किसी भी पक्ष को अनुचित लाभ से रोकना है।
कंपनी का रूटीन प्रोसेस
Kaushalya Infrastructure Development Corporation Ltd. वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर का पालन नियमित रूप से करती आई है। यह SEBI के (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2018 के तहत अनिवार्य है। कंपनी, जिसकी स्थापना 1992 में हुई थी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट डेवलपमेंट सेक्टर में काम करती है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण
इस अवधि के दौरान, यानी 1 अप्रैल, 2026 से लेकर नतीजों की घोषणा और ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने तक, डेजिग्नेटेड कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के शेयर ट्रेड करने पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, यह एक नियमित अनुपालन (compliance) प्रक्रिया है और इससे कंपनी पर कोई नया जोखिम नहीं आता।
