क्या है पूरा मामला?
भारत में Domino's Pizza चलाने वाली Jubilant FoodWorks को GST विभाग से लगभग ₹30.72 करोड़ का डिमांड ऑर्डर मिला है। इस नोटिस में ₹15.36 करोड़ का टैक्स डिमांड, उतनी ही ₹15.36 करोड़ की पेनल्टी और लागू ब्याज शामिल है।
अधिकारियों का आरोप है कि यह डिमांड फाइनेंशियल ईयर 2019-20 से 2024-25 के दौरान गुड्स की गलत क्लासिफिकेशन (वर्गीकरण) के कारण हुई है। कंपनी ने 27 मार्च 2026 को बताया कि उन्हें यह ऑर्डर 26 मार्च 2026 को एडिशनल कमिश्नर, CGST, मेरठ से मिला है। यह मामला Jubilant FoodWorks के अलग-अलग एंटिटीज़ के बीच सप्लाई किए गए गुड्स से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
कंपनी ने किया विवाद
Jubilant FoodWorks टैक्स अथॉरिटीज के दावों का कड़ा विरोध कर रही है। कंपनी का कहना है कि उन्हें इस डिमांड से किसी भी बड़े फाइनेंशियल या ऑपरेशनल असर की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि यह राशि कंपनी के बिजनेस स्केल के मुकाबले मैनेजेबल है और कंपनी को अपनी अपील पर भरोसा है।
टैक्स जांच का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब Jubilant FoodWorks को बड़े टैक्स डिमांड का सामना करना पड़ा है। मार्च 2026 में, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2019-20 से 2021-22 के लिए ₹95 करोड़ की GST डिमांड और पेनल्टी ऑर्डर का खुलासा किया था, जिसे भी कंपनी ने विवादित कर अपील की थी। इससे पहले, दिसंबर 2025 में, कंपनी को एक्सेस इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम के संबंध में ₹81.16 लाख का भुगतान करने का आदेश दिया गया था। ये घटनाएं बताती हैं कि टैक्स अथॉरिटीज कई समय से कंपनी की GST कंप्लायंस की समीक्षा कर रही हैं।
आगे के कदम और जोखिम
Jubilant FoodWorks CGST ऑर्डर के खिलाफ एक फॉर्मल अपील फाइल करने की योजना बना रही है और उम्मीद करती है कि डिमांड का समाधान अनुकूल तरीके से होगा। तत्काल किसी भी फाइनेंशियल या ऑपरेशनल बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, मुख्य जोखिम अपील प्रक्रिया में प्रतिकूल परिणाम का है, जिससे वित्तीय परिणाम हो सकते हैं। टैक्स क्लासिफिकेशन डिस्प्यूट खुद एक लगातार लिटिगेशन रिस्क को दर्शाता है। इन्वेस्टर्स अपील की प्रगति और किसी भी आगे के अपडेट पर नजर रखेंगे।
मार्केट और फाइनेंशियल बैकग्राउंड
Jubilant FoodWorks एक कॉम्पिटिटिव क्विक-सर्विस रेस्तरां (QSR) मार्केट में ऑपरेट करती है। Devyani International Ltd. और Sapphire Foods India Ltd. जैसी कंपनियां भी भारत में प्रमुख खिलाड़ी हैं। Jubilant की तरह, इन कंपनियों को भी कॉम्प्लेक्स टैक्स रेगुलेशंस से निपटना पड़ता है और उन्हें टैक्स अथॉरिटीज से इसी तरह की जांच का सामना करना पड़ सकता है।
फाइनेंशियल ईयर 2024 के लिए, Jubilant FoodWorks ने ₹56,960 मिलियन (लगभग ₹569.6 करोड़) का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया था। FY24 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट लगभग ₹4,008 मिलियन (लगभग ₹40.08 करोड़) था।
