क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
सेबी (SEBI) के इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाने वाले नियमों के तहत, किसी भी कंपनी को अपने वित्तीय नतीजे जारी करने से पहले एक निश्चित अवधि के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद करनी पड़ती है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के अंदरूनी लोग, जैसे कि प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और डेजिग्नेटेड कर्मचारी, जो कंपनी की गैर-सार्वजनिक और प्राइस-सेंसिटिव जानकारी रखते हैं, वे नतीजों के ऐलान से पहले कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री न कर सकें। इस तरह से शेयर बाजार में सभी निवेशकों के लिए निष्पक्षता बनी रहती है।
कब खुलेगी ट्रेडिंग विंडो?
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी नहीं कर देती। नतीजे जारी होने के 48 घंटे बाद ही इसे दोबारा खोला जाएगा। इस दौरान, कंपनी के अंदरूनी लोगों को Jhaveri Credits के शेयरों में किसी भी तरह का ट्रेड करने की मनाही होगी।
अतीत में भी हुई है रेगुलेटरी जांच
यह ध्यान देने योग्य है कि Jhaveri Credits & Capital Ltd अतीत में भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। दिसंबर 2024 में, सेबी ने कंपनी पर ₹2 लाख और संबंधित संस्थाओं पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। यह कार्रवाई गलत शेयरधारिता पैटर्न और मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) की जरूरतों को पूरा न करने जैसे मुद्दों पर हुई थी। कंपनी पर नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) में 'पेयर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स' के उल्लंघन को लेकर भी सेबी ने जांच की थी, हालांकि बाद में इसे इस मामले में क्लीन चिट मिल गई थी। दिसंबर 2025 में, कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की सर्विलांस इंक्वायरी का जवाब देते हुए अपने डिस्क्लोजर नियमों के अनुपालन की पुष्टि की थी।
निवेशकों की नजर नतीजों पर
ट्रेडिंग विंडो बंद होने के साथ, कंपनी के अंदरूनी लोगों के लिए शेयर ट्रेडिंग पर रोक लग गई है। यह अवधि कंपनी के वार्षिक वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा का इंतजार बढ़ा रही है। निवेशक अब उस बोर्ड मीटिंग की तारीख की सूचना का बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे, जिसमें 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर विचार और अनुमोदन किया जाएगा।
प्रमुख प्रतिस्पर्धी
Jhaveri Credits & Capital Ltd, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर की अन्य लिस्टेड कंपनियों में Pro Fin Capital Services और Alacrity Securities जैसी कंपनियां शामिल हैं।
