₹5000 करोड़ के बड़े लेन-देन को मिली शेयरहोल्डर्स की मंजूरी
JITF Infralogistics Limited के शेयरहोल्डर्स ने अपनी सब्सिडियरी JWIL Infra Limited के साथ ₹5000 करोड़ के बड़े ट्रांज़ैक्शन्स को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में हरी झंडी दे दी है। यह अहम मंजूरी 30 मार्च 2026 को हुई मीटिंग में मिली।
ये ट्रांज़ैक्शन्स कंपनी के विभिन्न ग्रुप एंटिटीज़ के बीच स्मूथ बिजनेस ऑपरेशन्स को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनमें फाइनेंशियल सर्विसेज, सर्विसेज की प्रोवाइडिंग, प्रोडक्ट सेल्स और एसेट लीजिंग जैसे एरियाज़ शामिल हैं। JITF Infralogistics का कहना है कि ये सभी डीलिंग्स 'आर्म्स लेंथ' (arm's length) बेसिस पर होंगी और बिजनेस के सामान्य कोर्स में की जाएंगी, जो कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मानकों के अनुरूप हैं।
ऑपरेशन्स और रेगुलेटरी कंप्लायंस के लिए इस वोट का महत्व
शेयरहोल्डर्स का यह समर्थन JITF Infralogistics और उसकी सब्सिडियरी JWIL Infra के ऑपरेशनल एफिशिएंसी और फाइनेंशियल इंटीग्रेशन के लिए महत्वपूर्ण है। यह सब OP Jindal Group के बड़े स्ट्रक्चर का हिस्सा है। इस तरह की मंजूरियां ग्रुप की कंपनियों के बीच बिजनेस फ्लो को सुचारू बनाने में मदद करती हैं।
यह कदम सेबी (SEBI) के रिलेटेड पार्टी ट्रांज़ैक्शन्स (RPTs) से जुड़े कड़े नियमों के प्रति कंपनी की वचनबद्धता को भी दर्शाता है। इन नियमों में माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों की रक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विस्तृत डिस्क्लोजर और शेयरहोल्डर वोट की आवश्यकता होती है।
कंपनी का बैकग्राउंड और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
JITF Infralogistics भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक जाना-माना नाम है, जिसके रेलवे फ्रेट वैगन्स, वॉटर एंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, और ट्रेडिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हित हैं। वहीं, JWIL Infra, एक प्रमुख सब्सिडियरी, वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कंपनी है, जिसमें सप्लाई, इरिगेशन और वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट शामिल हैं। JITF Infralogistics की रिलेटेड पार्टी ट्रांज़ैक्शन्स को मैनेज करने के लिए एक फॉर्मल पॉलिसी है, जो स्टैचुटरी रिक्वायरमेंट्स और 'आर्म्स लेंथ' प्रिंसिपल के कंप्लायंस पर जोर देती है। यह EGM, सेबी के RPTs के लिए बढ़ते स्ट्रिक्ट फ्रेमवर्क को नेविगेट करने में कंपनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
फाइनेंशियल डिटेल्स और आगे की निगरानी
फाइनेंशियल मोर्चे पर, JWIL Infra ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए ₹1,838.38 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया था, और 31 मार्च 2025 तक ₹3900 करोड़ की ऑर्डर बुक थी। इसकी तुलना में, JITF Infralogistics Limited ने इसी फाइनेंशियल ईयर के लिए लगभग ₹230.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू पोस्ट किया था।
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद, JITF Infralogistics और JWIL Infra इन ट्रांज़ैक्शन्स को आगे बढ़ा सकते हैं। कंपनी को यह सुनिश्चित करना जारी रखना होगा कि सभी डीलिंग्स 'आर्म्स लेंथ' पर हों और वास्तव में बिजनेस के सामान्य कोर्स में हों, साथ ही सेबी के LODR रेगुलेशन्स के अनुसार व्यापक डिस्क्लोजर दिए जाएं। निवेशक आधिकारिक वोटिंग नतीजों, इन इंटर-ग्रुप एग्रीमेंट्स के एग्जीक्यूशन और निरंतर कंप्लायंस की निगरानी करेंगे, क्योंकि किसी भी विचलन से रेगुलेटरी अटेंशन या इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस पर असर पड़ सकता है। आधिकारिक वोटिंग नतीजों का इंतज़ार है।