शेयरहोल्डर्स का कैसा रहा रुख?
कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने पोस्टल बैलेट के ज़रिए हुए वोटिंग में पांच अहम कॉर्पोरेट रिजॉल्यूशन्स पर अपना ज़बरदस्त समर्थन दिखाया है। कुल 5,212,068 वोट MD के रेमुनरेशन और डायरेक्टर की री-अपॉइंटमेंट के पक्ष में पड़े, जबकि 280,172 वोट रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (RPTs) के समर्थन में डाले गए।
क्या हुआ है?
30 मार्च, 2026 को वोटिंग खत्म होने के बाद, कंपनी ने मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अश्विन मूडलीयर के रेमुनरेशन (वेतन) में बदलाव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर वृंदा सरूप को पांच साल के लिए दोबारा नियुक्त करने जैसे प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी हासिल कर ली है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शेयरहोल्डर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ITC ग्रुप की तीन कंपनियों - ITC लिमिटेड, ITC होटल्स लिमिटेड, और ITC इंफोटेक इंडिया लिमिटेड - के साथ 'मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स' (RPTs) को भी हरी झंडी दे दी है।
सभी प्रस्तावों को भारी समर्थन मिला, जिसमें MD के रेमुनरेशन और डायरेक्टर की री-अपॉइंटमेंट के पक्ष में डाले गए वोटों का करीब 99.77% और RPTs के लिए लगभग 99.95% अप्रूवल शामिल है।
यह इतना ज़रूरी क्यों है?
ये मंज़ूरियां कंपनी की लीडरशिप में स्थिरता और रोज़मर्रा के ऑपरेशंस (संचालन) को जारी रखने के लिए बहुत अहम हैं। MD के रेमुनरेशन को मिली मंज़ूरी एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन के लिए एक स्पष्ट रास्ता बनाती है, वहीं मिस सरूप की री-अपॉइंटमेंट बोर्ड की स्वतंत्रता और गवर्नेंस (शासन) की देखरेख को मजबूत करती है।
ITC ग्रुप के साथ RPTs को मिली हरी झंडी उनके लगातार बने हुए स्ट्रेटेजिक (रणनीतिक) और ऑपरेशनल (परिचालन) संबंधों को दर्शाती है, जिससे ITHL को अपनी पेरेंट कंपनी का लाभ उठाकर सर्विस डिलीवरी और बिजनेस डेवलपमेंट को जारी रखने में मदद मिलेगी।
पूरी कहानी
International Travel House, जिसकी स्थापना 1981 में हुई थी, भारत की पहली पब्लिकली लिस्टेड ट्रैवल कंपनी है। यह कंपनी कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैवल मैनेजमेंट सॉल्यूशंस (व्यापक यात्रा प्रबंधन समाधान) प्रदान करती है। अश्विन मूडलीयर 1 फरवरी, 2023 से ITC होटल्स लिमिटेड से डेपुटेशन पर मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं, और उनके रेमुनरेशन में किसी भी बदलाव के लिए शेयरहोल्डर्स की सहमति की ज़रूरत होती है।
पूर्व IAS अधिकारी वृंदा सरूप जून 2021 से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में महत्वपूर्ण प्रशासनिक अनुभव ला रही हैं। कंपनी का ITC ग्रुप के साथ पुराना रिश्ता है, जिसमें ITHL, ITC होटल्स लिमिटेड की एक एसोसिएट (सहयोगी) कंपनी है, और ITC लिमिटेड, रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स के ज़रिए कंपनी के रेवेन्यू (राजस्व) में बड़ा योगदान देती है।
अब आगे क्या बदलेगा?
- अश्विन मूडलीयर के रेमुनरेशन स्ट्रक्चर में 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी रूप से बदलाव किया जाएगा, जो मंज़ूर की गई शर्तों के अनुसार होगा।
- वृंदा सरूप का इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर कार्यकाल 29 जून, 2026 से शुरू होकर पांच साल के लिए बढ़ाया जाएगा।
- कंपनी को FY 2026-27 के लिए ITC लिमिटेड, ITC होटल्स लिमिटेड, और ITC इंफोटेक इंडिया लिमिटेड के साथ मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (RPTs) को आगे बढ़ाने की इजाज़त होगी, जो तय की गई शर्तों के अधीन होंगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
हालांकि शेयरहोल्डर्स का समर्थन मज़बूत है, लेकिन ITC ग्रुप के साथ RPTs पर कंपनी की लगातार भारी निर्भरता पर किसी भी संभावित हितों के टकराव या प्रतिकूल शर्तों के लिए बारीकी से नज़र रखने की ज़रूरत है। MD के लिए मंज़ूर किए गए रेमुनरेशन स्ट्रक्चर को सही ठहराने में भविष्य का परफॉरमेंस (प्रदर्शन) अहम होगा।