क्यों बंद हुई Trading Window?
यह कदम कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और डेजिग्नेटेड कर्मचारियों को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने से रोकता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कोई भी व्यक्ति नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले अंदरूनी (Unpublished Price-Sensitive) जानकारी का गलत इस्तेमाल न कर सके। कंपनी का कहना है कि नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो दोबारा खोली जाएगी।
क्या है यह प्रक्रिया?
यह SEBI के नियमों के तहत एक ज़रूरी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिस है, जो मार्केट में पारदर्शिता और सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित करती है। गुजरात इंजेक्ट केरला लिमिटेड, जो 7 जनवरी, 1991 को इनकॉर्पोरेट हुई थी, फार्मा सेक्टर में इंट्रैविनस फ्लूइड्स और मेडिकल इक्विपमेंट बनाती है। कंपनी का बिजनेस क्लोदिंग ट्रेडिंग और फार्मा सर्विस कमीशन में भी फैला हुआ है।
कब होगी बोर्ड मीटिंग?
फिलहाल, कंपनी ने अभी तक इन फाइनेंशियल्स को अप्रूव करने के लिए बोर्ड मीटिंग की तारीख का ऐलान नहीं किया है। निवेशकों की नजरें अब बोर्ड मीटिंग की तारीख और उसके बाद घोषित होने वाले रिजल्ट्स पर रहेंगी।
