'ट्रेडिंग विंडो' पर क्यों लगा ताला?
Grandma Trading & Agencies Limited ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के 'प्रॉहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन, 2015' (Prohibition of Insider Trading Regulations, 2015) के तहत यह फैसला लिया है। कंपनी ने 1 अप्रैल 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी है, जिसका मतलब है कि कंपनी के अंदरूनी लोग, जैसे कि डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और अन्य 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स', इस दौरान कंपनी के शेयरों या सिक्योरिटीज का ट्रेड (trade) नहीं कर पाएंगे।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह कदम पारदर्शिता और निष्पक्ष बाजार को बढ़ावा देने के लिए उठाया जाता है। इसके ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि कंपनी के वित्तीय नतीजों (financial results) के सार्वजनिक होने से पहले किसी भी अंदरूनी, अप्रकाशित या संवेदनशील जानकारी (non-public information) का गलत इस्तेमाल न हो। Grandma Trading & Agencies, जो 1981 में स्थापित हुई थी और 1982 से BSE पर लिस्टेड है, शेयर और कमोडिटी ट्रेडिंग के साथ-साथ टेक्सटाइल और फैब्रिक का कारोबार भी करती है। यह एक सामान्य कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) प्रैक्टिस है।
कब खुलेगी ट्रेडिंग विंडो?
कंपनी 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) और तिमाही के अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की घोषणा जल्द ही करेगी। ट्रेडिंग विंडो इस घोषणा के 48 घंटे बाद दोबारा खोली जाएगी। Adani Enterprises, Infosys, और Reliance Industries जैसी अन्य प्रमुख भारतीय कंपनियां भी समय-समय पर इसी तरह की ट्रेडिंग पाबंदियां लगाती हैं।
