SEBI के नियमों का पालन करते हुए, Gaekwar Mills Limited ने शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह अहम कदम उठाया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (designated persons), उनके करीबी रिश्तेदारों और अन्य अंदरूनी सूत्रों को कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री करने की इजाजत नहीं होगी। यह ट्रेडिंग विंडो 31 मार्च, 2026 की शाम 5:00 बजे से शुरू होकर, चौथी तिमाही और पूरे साल के वित्तीय नतीजे आने के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
यह एक नियमित प्रक्रिया है जिसका पालन लिस्टेड कंपनियां अपने वित्तीय नतीजे जारी करने से पहले करती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नतीजों के लीक होने या अंदरूनी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके किसी भी तरह की इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) न हो सके। इससे सभी निवेशकों को एक समान जानकारी तक पहुंच मिलती है और बाजार में निष्पक्षता बनी रहती है।
कंपनी का सफर और अब फोकस
Gaekwar Mills, जिसकी स्थापना 1928 में हुई थी, उसका इतिहास काफी जटिल रहा है। कभी टेक्सटाइल (textile) व्यवसाय में रही यह कंपनी बोर्ड फॉर इंडस्ट्रियल एंड फाइनेंशियल रिकंस्ट्रक्शन (BIFR) के तहत एक बीमार इकाई (sick unit) घोषित हो गई थी। 2016 में कोर्ट से मंजूरी के बाद यह लिक्विडेशन (liquidation) से बाहर निकली। अब कंपनी गुजरात के बिलिमोरा में अपनी विशाल जमीन संपत्तियों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है, न कि मैन्युफैक्चरिंग पर।
मुख्य वित्तीय चिंताएं
कंपनी पर कर्ज का बोझ काफी ज्यादा है और शेयरधारक इक्विटी (shareholder equity) नकारात्मक बनी हुई है। यह बड़ी वित्तीय चुनौतियों का संकेत देता है। Gaekwar Mills ₹35 करोड़ के सिक्योर्ड नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (secured non-convertible debentures) को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जिनकी मैच्योरिटी मार्च 2025 में हो चुकी है।
हालिया वित्तीय नतीजे
तीसरी तिमाही (Q3 FY26) जो 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई, उसमें कंपनी ने ₹0.09 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (standalone net profit) दर्ज किया। पिछले नौ महीनों में यह प्रॉफिट बढ़कर ₹2.22 करोड़ हो गया। वहीं, Q3 FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1.09 मिलियन रहा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
- Gaekwar Mills अपने Q4 FY26 और पूरे साल के नतीजे कब घोषित करती है।
- नतीजों के बाद ट्रेडिंग विंडो कब खुलेगी।
- कंपनी के मैच्योर हो चुके डिबेंचर्स को रिन्यू करने को लेकर चल रही बातचीत का क्या नतीजा निकलता है।
