सेबी नियमों का पालन, पर अतीत पर नजर
GV Films Ltd ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक के फाइनेंशियल ईयर के लिए BSE के पास अपना कम्प्लायंस सर्टिफिकेट जमा किया है। इस सर्टिफिकेट के ज़रिए कंपनी ने यह साबित किया है कि उसने शेयर से जुड़े अनुरोधों के निपटान (processing) में सेबी के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) का पालन किया है। यह कदम कॉरपोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और शेयरधारकों की सेवाओं के प्रबंधन में कंपनी के अनुपालन (adherence) को दर्शाता है।
अतीत के विवाद और जुर्माने
हालांकि, GV Films का रेगुलेटरी रिकॉर्ड (regulatory record) थोड़ा दागदार रहा है। कंपनी कई बार गंभीर नियामक जांच (regulatory scrutiny) के घेरे में आई है। साल 2019-2020 में, सेबी ने ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (GDRs) में हेरफेर (manipulation) के मामले में कंपनी पर ₹1 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था और बैन भी किया था। इसके अलावा, कंपनी ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की कार्रवाई का सामना भी किया है, जो फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन से जुड़ा मामला था, जिसमें कथित तौर पर विदेशी मुद्रा की हेराफेरी का आरोप था और इसके चलते कंपनी की संपत्तियां जब्त की गई थीं। इससे पहले, BSE ने भी कंपनी पर ट्रेडिंग सस्पेंशन (trading suspension) का प्रस्ताव रखा था क्योंकि वह पिछले अवधियों के लिए सेबी के लिस्टिंग नियमों का पालन नहीं कर रही थी। कंपनी का कहना है कि उसकी नेट वर्थ (net worth) सकारात्मक है, लेकिन ये पिछले मामले और चल रही जांचें निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आगे क्या देखना है?
यह नई फाइलिंग सेबी के नियमों को पूरा करने के कंपनी के प्रयासों को दिखाती है। निवेशक आगे की फाइलिंग्स में निरंतर अनुपालन (ongoing compliance) पर नजर रखेंगे। FEMA जांचों और पिछले नियामक कार्रवाइयों पर अपडेट, साथ ही कंपनी के परिचालन प्रदर्शन (operational performance) और वित्तीय स्वास्थ्य (financial health) पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
