इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने की तैयारी
SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के नियमों का पालन करते हुए, GCM Commodity & Derivatives Ltd. ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसका मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना और शेयर बाजार में निष्पक्षता व पारदर्शिता (Market Integrity) को बनाए रखना है। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी अपने FY26 के लिए ऑडिटेड पूरे साल के फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) सार्वजनिक तौर पर घोषित नहीं कर देती।
कौन कर सकता है ट्रेड?
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की अवधि के दौरान, GCM Commodity & Derivatives Ltd. के सभी डायरेक्टर्स, एम्प्लॉईज़ और प्रमोटर्स कंपनी के शेयरों या सिक्योरिटीज में किसी भी तरह का ट्रेड (Trading) नहीं कर पाएंगे। यह नियम उन व्यक्तियों पर भी लागू होता है जिनके पास कंपनी की कोई भी ऐसी प्राइस-सेंसिटिव जानकारी (UPSI) है जो अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। यह कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है।
नियमित प्रक्रिया और आगे क्या?
GCM Commodity & Derivatives Ltd. भारत के कमोडिटी ब्रोकिंग और डेरिवेटिव्स (Commodity Broking and Derivatives) सेक्टर में काम करती है। SEBI के दिशानिर्देशों के तहत, लिस्टेड कंपनियों द्वारा ट्रेडिंग विंडो बंद करना इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए एक सामान्य और नियमित अनुपालन (Compliance) प्रक्रिया है। SMC Global Securities जैसी अन्य कंपनियां भी इसी तरह के उपाय करती हैं।
निवेशक अब GCM Commodity & Derivatives Ltd. द्वारा 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की समय पर घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने की उम्मीद है।
