11 साल से ट्रेडिंग सस्पेंड, फिर भी 2026 में AGM
Futura Polyesters Ltd ने अपनी 60वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान किया है। यह मीटिंग 29 मई 2026 को वर्चुअल (Virtual) मोड में आयोजित की जाएगी। शेयरहोल्डर्स 26 मई से 28 मई 2026 तक रिमोट वोटिंग (Remote Voting) के जरिए अपनी राय दे पाएंगे।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कंपनी के शेयर 21 मार्च 2013 से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टिंग नियमों का पालन न करने (Non-compliance) की वजह से ट्रेडिंग के लिए सस्पेंड (Suspended) हैं। यानी, पिछले 11 सालों से निवेशक अपने शेयर खरीद या बेच नहीं पा रहे हैं।
कंपनी की फाइनेंशियल ईयर 2020-21 की एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, Futura Polyesters गंभीर वित्तीय संकट (Financial Distress) से गुजर रही है। इस अवधि में कंपनी ने ₹840.85 लाख का टोटल कॉम्प्रिहेंसिव लॉस (Total Comprehensive Loss) दर्ज किया। वहीं, कंपनी का बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (Basic Earnings Per Share) ₹(1.34) रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि कंपनी के ऑडिटर्स (Auditors) ने भी इसके आगे जारी रहने की क्षमता (Going Concern) पर गंभीर संदेह जताया है, जो कंपनी के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े करता है।
जहां इस सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे SRF Ltd, Ester Industries Ltd, और Mangalam Films बाजार में सक्रिय हैं, वहीं Futura Polyesters अपने एक दशक से ज़्यादा के ट्रेडिंग सस्पेंशन और गहरे वित्तीय संकट के कारण बिल्कुल अलग स्थिति में खड़ी है।
कंपनी के शेयरहोल्डर्स को रेगुलेटरी नॉन-कम्प्लायंस (Regulatory Non-compliance), SEBI के नियमों का उल्लंघन और ट्रेडिंग लिक्विडिटी (Trading Liquidity) की भारी कमी जैसी कई गंभीर चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है, जो कंपनी के मौजूदा हालात को बयां करती हैं।
