डायरेक्टर्स का टेन्योर और कंपनी अधिनियम का नियम
भारत के कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए अधिकतम टेन्योर लगातार दो बार 5-5 साल का होता है, यानी कुल 10 साल। इसी नियम का पालन करते हुए, Fervent Synergies Limited के 3 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स - सुश्री फाल्गुनी मेहता, श्री नितिन पारिख और श्री राजेश माहेश्वरी - ने 31 मार्च 2026 को अपना दूसरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी ने उनके बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया है।
बोर्ड में नए चेहरों की एंट्री
जहां एक ओर पुराने डायरेक्टर्स ने विदाई ली है, वहीं Fervent Synergies ने बोर्ड में गवर्नेंस की निरंतरता बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। 26 मार्च 2026 को, यानी इन डायरेक्टर्स का टेन्योर समाप्त होने से ठीक पहले, बोर्ड ने 3 नए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी थी। ये नए नियुक्त किए गए चेहरे हैं - श्री अश्विन संघवी, सुश्री मीरा शाह और श्री राहुल पारिख। इनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 साल के लिए प्रभावी होगी।
अहम कमेटियों का पुनर्गठन
बोर्ड में बदलाव के साथ ही, कंपनी ने अपने अहम बोर्ड कमेटियों, जैसे ऑडिट कमेटी, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी का भी पुनर्गठन किया है। इन कमेटियों में अब नए डायरेक्टर्स शामिल होंगे, जो कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचे को और मजबूत करेंगे। इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पोस्टल बैलेट के माध्यम से ली जाएगी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि शेयरहोल्डर्स नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति को मंजूरी देते हैं या नहीं। इसके अलावा, नए डायरेक्टर्स के आने के बाद बोर्ड की कार्यप्रणाली और कंपनी के भविष्य की योजनाओं पर भी नजर रखनी होगी।
