Dharti Proteins Ltd भले ही इंसॉल्वेंसी की राह से बाहर आ गई हो, पर कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर ने साफ कर दिया है कि भविष्य में इसके चलने की संभावना (going concern) पर गहरा संशय है। यह चेतावनी इसलिए दी गई है क्योंकि कंपनी पूरे फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में पूरी तरह इनऑपरेटिव रही। इस दौरान, कंपनी को ₹0.66 लाख का नेट लॉस (Net Loss) हुआ और रेवेन्यू (Revenue) शून्य रहा। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) भी केवल ₹0.93 लाख पर अटक गई है।
कंपनी को फाइनेंशियल क्रेडिटर्स (financial creditors) के कारण नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स (insolvency proceedings) के लिए एडमिट किया था। अब जब नई मैनेजमेंट (new management) ने कमान संभाली है, तो उसके सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है। कंपनी का इनैक्टिव स्टेटस (inactive status) और कई नियमों का पालन न करना (compliance failures) इसके ऑपरेशनल टर्नअराउंड (operational turnaround) या स्टॉक मार्केट में वापसी (relisting) के रास्ते में बड़ी बाधाएं हैं। फिलहाल, पेंडिंग रेगुलेटरी और स्टैच्युटरी कंप्लायंसेज (regulatory and statutory compliances) को ठीक करने का काम चल रहा है।
ऑडिटर ने यह भी बताया है कि कंपनी के पास फिलहाल कोई ट्रेडिंग या मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी (trading or manufacturing activities) नहीं है। ज्यादातर फाइनेंशियल और ऑपरेशनल इंडिकेटर्स (financial and operational indicators) नेगेटिव ही बने हुए हैं। कंपनी पर ₹150.46 लाख का लोंस और एडवांसेज (loans and advances) बकाया है, जिसे डाउटफुल माना जा रहा है, जिससे एसेट्स (assets) और लॉसेस (losses) की गलत रिपोर्टिंग का खतरा है।
इसके अलावा, कंपनी कई गंभीर नॉन-कंप्लायंसेस (non-compliances) से जूझ रही है। इनमें नॉन-फंक्शनल वेबसाइट (non-functional website), लिस्टिंग फीस (listing fees) का भुगतान न करना, और SEBI (LODR) रेगुलेशंस (SEBI (LODR) Regulations) व कंपनीज एक्ट रूल्स (Companies Act rules) का उल्लंघन शामिल है। कंपनी के पास कंपनी सेक्रेटरी (Company Secretary) नहीं है और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग (electronic voting) की भी कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही, Dharti Proteins में पर्याप्त इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स (internal financial controls) की भी कमी है।
सेक्टर की दूसरी कंपनियां जैसे Gokul Refoils India Ltd और Patanjali Foods Ltd जहां मुनाफे में और नियमों का पालन करते हुए अच्छा काम कर रही हैं, वहीं Dharti Proteins लिमिटेड अपनी खास मुश्किलों का सामना कर रही है।
कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर पहले से ही सस्पेंड (suspended) हैं। इन्वेस्टर्स (investors) अब 20 सितंबर, 2025 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के नतीजों, कंप्लायंस मुद्दों को सुलझाने में मैनेजमेंट की प्रगति और कंपनी को स्थिर करने के कदमों पर नजर रखेंगे। BSE का सस्पेंडेड लिस्टिंग पर क्या फैसला होगा, यह भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है।
