SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग (प्रिवेंशन) रेगुलेशन्स के तहत, यह एक अनिवार्य अनुपालन प्रक्रिया है। इसका मकसद बाजार की अखंडता को बनाए रखना है, ताकि कोई भी insider कंपनी के शेयर तब न बेच सके या खरीद सके जब उसके पास अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी हो। SEBI के हालिया निर्देशों के अनुसार, इस नियम में अब प्रमुख व्यक्तियों के 'करीबी रिश्तेदारों' को भी शामिल किया गया है।
इस पाबंदी का असर कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमुख प्रबंधन कर्मियों (key management personnel) सहित उनके तत्काल परिवार के सदस्यों पर पड़ेगा। ये व्यक्ति बंद ट्रेडिंग विंडो अवधि के दौरान Delphi World Money के किसी भी शेयर या सिक्यूरिटीज़ में खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।
SEBI के ट्रेडिंग विंडो नियमों का पालन न करने पर Delphi World Money पर बड़ा जुर्माना लग सकता है और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच सकता है।
यह प्रक्रिया भारतीय शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के लिए आम है, जिनमें Quest Capital Markets Ltd. और Transcorp International Ltd. जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। यह SEBI के कड़े इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य बातें:
- ट्रेडिंग विंडो बंद: 1 अप्रैल, 2026
- वित्तीय अवधि: 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और वर्ष
- विंडो खुलने का समय: नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद
निवेशक बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार करेंगे, जिसमें 31 मार्च, 2026 को समाप्त वर्ष के लिए ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इन नतीजों की औपचारिक घोषणा अगला महत्वपूर्ण कदम होगी, जिसके बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खोल दी जाएगी।
