SEBI के नियमों का कड़ाई से पालन
SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, Cochin Shipyard Limited (CSL) ने यह अहम फैसला लिया है। कंपनी 1 अप्रैल, 2026 से अपने डायरेक्टर्स, सीनियर मैनेजमेंट और अन्य 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर रही है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य कंपनी की अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) यानी गैर-सार्वजनिक, बाजार को प्रभावित करने वाली जानकारी का गलत इस्तेमाल रोकना है। जब तक ये नतीजे सार्वजनिक नहीं हो जाते, तब तक इनसाइडर्स शेयर खरीद या बेच नहीं सकेंगे। यह कदम बाजार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
क्या हैं नियम?
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि के दौरान, डेजिग्नेटेड पर्सन्स और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के किसी भी सिक्योरिटी (शेयर) को खरीदने, बेचने या गिरवी रखने से पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
आगे क्या?
यह प्रक्रिया भारतीय शेयर बाजार की कई सूचीबद्ध कंपनियों में आम है। Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) और Garden Reach Shipbuilders & Engineers Ltd. (GRSE) जैसी कंपनियां भी SEBI के नियमों का पालन करते हुए ऐसी ट्रेडिंग विंडो क्लोजर लागू करती हैं।
निवेशकों की नजरें अब Cochin Shipyard के फाइनेंशियल ईयर 2026 के पूरे साल और चौथी तिमाही के नतीजों पर टिकी हैं। नतीजों के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो दोबारा खोली जाएगी, जिसके बाद डेजिग्नेटेड पर्सन्स सामान्य रूप से ट्रेडिंग कर सकेंगे।
