अगर आपने 3 अगस्त 2026 की समय सीमा से पहले अपने लावारिस डिविडेंड का दावा नहीं किया, तो आपके शेयर कंपनी द्वारा इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। यह शेयरधारकों के लिए अपनी हक की राशि पर नज़र रखने का एक अहम मौका है।
इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) की स्थापना 'कंपनीज़ एक्ट, 2013' के तहत निवेशकों में जागरूकता फैलाने के लिए की गई थी। इस एक्ट की धारा 124(5) के अनुसार, डिविडेंड की ड्यू डेट से लगातार सात साल तक यदि कोई डिविडेंड क्लेम नहीं किया जाता है, तो उसे IEPF में जमा करना अनिवार्य है। अच्छी खबर यह है कि शेयरों के IEPF में ट्रांसफर होने के बाद भी, आप 'IEPF-5' ई-फॉर्म भरकर अपने शेयर और बकाया डिविडेंड वापस पा सकते हैं।
जिन शेयरधारकों का डिविडेंड सात साल से लावारिस है, उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि आपका डिविडेंड क्लेम 3 अगस्त 2026 की डेडलाइन से पहले पूरा हो जाए, ताकि आपके शेयर IEPF में जाने से बच सकें। SEBI के नियमों के अनुसार, डिविडेंड क्लेम की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कंपनी या रजिस्ट्रार के पास अपने 'KYC' (नो योर कस्टमर) डिटेल्स को अपडेट कराना भी बेहद ज़रूरी है।
शेयरधारकों को सलाह दी जाती है कि वे Century Enka Ltd से अपने किसी भी लावारिस डिविडेंड के रिकॉर्ड की जांच करें और 3 अगस्त 2026 की डेडलाइन का ध्यान रखते हुए क्लेम प्रोसेस पूरा करें। KYC डिटेल्स को वेरीफाई और अपडेट करने से कम्युनिकेशन और क्लेम प्रोसेसिंग में आसानी होगी। यदि आपके शेयर पहले ही IEPF में ट्रांसफर हो चुके हैं, तो 'IEPF-5' ई-फॉर्म फाइल करने की प्रक्रिया को समझ लें।
