क्यों उठाया ये कदम?
B.C. Power Controls Ltd. ने शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया है। SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध) रेगुलेशन, 2015 के अनुसार, किसी भी कंपनी को अपने तिमाही या सालाना वित्तीय नतीजे जारी करने से पहले एक निश्चित अवधि के लिए 'ट्रेडिंग विंडो' बंद करनी होती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी की अंदरूनी, कीमत-संवेदनशील जानकारी (price-sensitive information) का गलत इस्तेमाल न हो सके और सभी निवेशकों को एक साथ सही जानकारी मिले।
क्या होगा इनसाइडर्स के लिए?
'ट्रेडिंग विंडो' बंद रहने की अवधि के दौरान, कंपनी के डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज (खास कर्मचारी), कनेक्टेड पर्सन्स (संबंधित पक्ष) और उनके करीबी रिश्तेदारों को कंपनी के शेयर्स या किसी भी अन्य फाइनेंसियल इंस्ट्रूमेंट्स (वित्तीय साधनों) को खरीदने या बेचने की इजाजत नहीं होगी।
अनिश्चितता का बड़ा कारण
फिलहाल, कंपनी ने अभी तक अपने Q4 और पूरे FY26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के लिए बोर्ड मीटिंग (निदेशक मंडल की बैठक) की तारीख तय नहीं की है। इसी वजह से यह भी तय नहीं है कि ट्रेडिंग विंडो को दोबारा कब खोला जाएगा। उम्मीद है कि यह बैठक जल्द ही होगी, जिसके 48 घंटे बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी।
कंपनी का बैकग्राउंड और इंडस्ट्री प्रैक्टिस
B.C. Power Controls Ltd. इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग (बिजली उपकरण निर्माण) सेक्टर में काम करती है। भारत में लिस्टेड कंपनियों के लिए SEBI के नियम लागू होते हैं, और इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना एक आम प्रक्रिया है। ABB India Ltd. और Schneider Electric India जैसी कंपनियां भी नतीजों से पहले अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद रखती हैं।
