Ashirwad Capital Limited ने शेयर बाजारों को दी जानकारी के अनुसार, कंपनी 1 अप्रैल, 2026 से अपने 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) और उनके रिलेटिव्स (Relatives) के लिए ट्रेडिंग विंडो को बंद कर रही है। कंपनी ने यह जानकारी 25 मार्च, 2026 को एक्सचेंजों को दी।
क्यों बंद की गई ट्रेडिंग विंडो?
यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर देती। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह विंडो दोबारा खुलेगी। यह कदम SEBI (Securities and Exchange Board of India) के नियमों का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना है। इस अवधि के दौरान, संवेदनशील वित्तीय जानकारी रखने वाले व्यक्ति कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे, जिससे सभी निवेशकों के लिए एक निष्पक्ष बाजार सुनिश्चित हो सके।
कंपनी का बैकग्राउंड
Ashirwad Capital Limited एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी। इसका मुख्य व्यवसाय निवेश गतिविधियों और सिक्योरिटीज के कारोबार से जुड़ा है। एक पब्लिकली लिस्टेड कंपनी के तौर पर, आशीर्वाद कैपिटल अनुपालन अधिकारियों की नियुक्ति करती आई है, जो इनसाइडर ट्रेडिंग के खिलाफ नियमों के पालन को दर्शाता है।
इनसाइडर्स के लिए क्या बदलेगा?
बंद अवधि के दौरान, कंपनी के 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' और उनके तत्काल परिवार के सदस्यों को Ashirwad Capital Limited के शेयर खरीदने या बेचने की अनुमति नहीं होगी। कंपनी के मुख्य व्यवसाय संचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
इंडस्ट्री स्टैंडर्ड
यह प्रथा भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों में आम है। SEBI के दिशानिर्देशों के अनुरूप, साथी कंपनियां भी आमतौर पर वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले ऐसी ही ट्रेडिंग विंडो प्रतिबंध लगाती हैं।
निवेशक क्या देख रहे हैं?
निवेशक अब दो मुख्य आगामी घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे:
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के लिए निर्धारित बोर्ड मीटिंग की तारीख।
- इन ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की बाद की आधिकारिक घोषणा।
