क्यों बंद हुई ट्रेडिंग विंडो?
यह कदम SEBI के नियमों के तहत उठाया गया है, ताकि कंपनी के वित्तीय नतीजों की सार्वजनिक घोषणा से पहले किसी भी तरह की अंदरूनी जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके। जब ट्रेडिंग विंडो बंद होती है, तो कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और कुछ प्रमुख कर्मचारी, जिन्हें गोपनीय वित्तीय जानकारी तक पहुंच होती है, वे कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं सकते। यह शेयर बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक मानक प्रक्रिया है।
कंपनी का कारोबार और हालिया प्रदर्शन
1990 में स्थापित Alicon Castalloy भारत में एक एकीकृत एल्यूमीनियम कास्टिंग निर्माता के रूप में अपनी पहचान रखती है। यह पैसेंजर कार, टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड वाहनों के लिए कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ने हाल ही में FY26 के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे घोषित किए थे, जिसमें ₹430 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 10% अधिक था। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹3.3 करोड़ हो गया, जो Q3 FY25 में केवल ₹0.8 करोड़ था। पूरे FY25 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹1,720 करोड़ रहा था।
आगे क्या?
निवेशक अब 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए बोर्ड मीटिंग में अनुमोदित होने वाले नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। नतीजों की घोषणा के बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी, जो बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत साबित हो सकती है। Alicon Castalloy, Endurance Technologies और Rockman Industries जैसी कंपनियों के साथ भारतीय ऑटोमोटिव पार्ट्स बाजार में प्रतिस्पर्धा करती है।
