इस कदम का मुख्य उद्देश्य SEBI के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना है। इसका मतलब है कि कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स, शीर्ष अधिकारी और उनके करीबी रिश्तेदार 1 अप्रैल, 2026 से लेकर 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के Q4 FY26 के ऑडिटेड नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद तक कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।
Adani Group की फ्लैगशिप कंपनी, Adani Enterprises, इस प्रक्रिया का पालन नियमित रूप से करती है। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि बाज़ार में निष्पक्षता बनी रहे और कोई भी अंदरूनी व्यक्ति गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा न उठा सके।
आम तौर पर, Adani Enterprises अपने Q4 FY26 के नतीजे 30 अप्रैल, 2026 के आसपास जारी करती है। नतीजों की घोषणा होते ही, 48 घंटे की अतिरिक्त अवधि पूरी होने के बाद यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खोल दी जाएगी।
हालांकि यह एक सामान्य नियामकीय प्रक्रिया है, Adani Group अतीत में SEBI द्वारा जांचे गए कुछ मामलों से भी गुज़री है, जैसे कि Adani Green Energy से संबंधित। इसलिए, इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
भारतीय शेयर बाज़ार में यह प्रथा आम है, जहां Reliance Industries और Tata Group जैसी बड़ी कंपनियां भी वित्तीय नतीजों के आसपास अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद रखती हैं।
