Orient Green Power Company Ltd (OGPL) ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए शानदार कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹42.01 करोड़ से 70.36% बढ़कर ₹71.57 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 13.15% की ग्रोथ के साथ ₹315.57 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹278.89 करोड़ था।
लेकिन, मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। इस तिमाही में कंपनी को ₹16.56 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से काफी ज्यादा है।
कंपनी के नतीजों को बूस्ट देने में दो मुख्य वजहें रहीं: पहला, ₹16 करोड़ का एक खास इंटरेस्ट रिफंड, जो पिछले पीरियड्स में लिए गए एक्सेस इंटरेस्ट का रिफंड था। दूसरा, दिसंबर 2025 में कंपनी के पहले सोलर पावर प्लांट का सफलतापूर्वक कमीशन होना। यह कंपनी के लिए विंड एनर्जी के अलावा सौर ऊर्जा (Solar Energy) में विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अलग से देखें तो, FY26 में कंपनी को ₹6.93 करोड़ का नेट लॉस हुआ। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी के स्टैचुटरी ऑडिटर ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है, जिसका मतलब है कि ऑडिटर्स को खातों में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली।
पूरे साल के नतीजों में ग्रोथ एक पॉजिटिव संकेत है, खासकर नए सोलर कैपेसिटी के जुड़ने से। इससे कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में विविधता आई है। लेकिन Q4 में बढ़ा हुआ लॉस दिखाता है कि तिमाही नतीजों में अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है, शायद बढ़ते खर्चों या रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव के कारण।
शेयरहोल्डर्स के लिए, पूरे साल का बढ़ा मुनाफा राहत की बात है। नया सोलर प्लांट भविष्य में रेवेन्यू जनरेशन का एक बड़ा जरिया बनेगा। लेकिन, ₹16 करोड़ का इंटरेस्ट रिफंड एक वन-टाइम बूस्ट था। सबसे बड़ी चिंता कंपनी पर ₹500 करोड़ से ज्यादा का भारी कंसोलिडेटेड कर्ज (Borrowings) है। इसमें ₹411.76 करोड़ नॉन-करंट और ₹91.63 करोड़ करंट बोरिंग्स शामिल हैं। यह भारी कर्ज कंपनी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल रिस्क बना हुआ है और भविष्य में ब्याज लागत (Interest Cost) को भी बढ़ा सकता है।
ReNew Energy Global Plc और Tata Power Company Ltd जैसे बड़े प्लेयर्स के मुकाबले, OGPL की ग्रोथ भले ही प्रभावशाली हो, लेकिन तिमाही नतीजों में स्थिरता और मजबूत बैलेंस शीट के मामले में उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है।
आगे चलकर, निवेशकों को नए सोलर प्लांट के ऑपरेशन और फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर नजर रखनी होगी। Q4 लॉस के कारणों और खर्चों को कंट्रोल करने की मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी पर भी ध्यान देना होगा। साथ ही, कर्ज कम करने की योजनाएं और स्टैंडअलोन लॉस को प्रॉफिट में बदलने की राह पर भी नजर रखनी चाहिए।
