पूरे साल FY26 में कंपनी का दमदार प्रदर्शन
K.P. Energy ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। इस अवधि में, कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल के ₹958 करोड़ से बढ़कर ₹1,506 करोड़ हो गया, जो 59% की शानदार बढ़ोतरी दर्शाता है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 57% की वृद्धि देखी गई, जो पिछले साल के ₹115 करोड़ से बढ़कर ₹181 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी ज़ोरदार ग्रोथ
सिर्फ पूरे साल के नतीजे ही नहीं, बल्कि चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) के आंकड़े भी बेहद मजबूत रहे। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 55% बढ़कर ₹634 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि PAT में 72% की ज़बरदस्त छलांग लगी और यह ₹79 करोड़ रहा।
स्ट्रैटेजिक ग्रोथ: ट्रेडिंग लाइसेंस और 10 GW का लक्ष्य
K.P. Energy के लिए एक और बड़ी खबर है – कंपनी ने 'कैटेगरी-V' के तहत एक इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रेडिंग लाइसेंस हासिल कर लिया है। यह एक बेहद अहम कदम है, जो कंपनी को पूरे भारत के पावर मार्केट में हिस्सा लेने का मौका देगा। इससे कंपनी अपने मौजूदा प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के अलावा रेवेन्यू के नए रास्ते भी खोल पाएगी।
कंपनी की महत्वाकांक्षाएं यहीं नहीं रुकतीं। K.P. Energy ने 2030 तक 10 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल क्षमता हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। फिलहाल, कंपनी के पास 3.73 GW की रिन्यूएबल पोर्टफोलियो है और 2.16 GW के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। साथ ही, 2 GW से ज़्यादा के मल्टी-ईयर ऑर्डर पाइपलाइन में हैं, जिससे कंपनी को नज़दीकी और मध्यम अवधि में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी मिलती है। कंपनी खासकर ऑफशोर और नियरशोर विंड डेवलपमेंट पर ध्यान दे रही है, और सरकारी प्रोत्साहन इसे भारत के बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर का फायदा उठाने में मदद करेंगे।
K.P. Energy एक इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के तौर पर काम करती है, जो प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और EPC सेवाओं में सक्रिय है। कंपनी की ग्रोथ लगातार बढ़ते ऑर्डर बुक और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों से समर्थित है।
आगे चलकर, निवेशकों की निगाहें कंपनी के 10 GW रिन्यूएबल क्षमता के लक्ष्य पर प्रगति, नए बिजली ट्रेडिंग लाइसेंस का प्रभावी इस्तेमाल, और मौजूदा प्रोजेक्ट पाइपलाइन को सफलतापूर्वक पूरा करने पर टिकी रहेंगी।
