रिन्यूएबल एनर्जी में हरिओम पाइप की एंट्री
कंपनी ने 7 मई 2026 को घोषणा की है कि वह अपनी सहायक कंपनी HPEPL में ₹10 करोड़ की राशि इक्विटी शेयर खरीदकर डालेगी। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य सहायक कंपनी की पूंजी (Capital) और लिक्विडिटी (Liquidity) को मजबूत करना है, ताकि वह अपने नियोजित 60 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर सके।
एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम
यह कदम हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज के लिए एक महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक बदलाव है। कंपनी, जो मुख्य रूप से पाइप बनाने के कारोबार में है, अब रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उभरते हुए सेक्टर में विविधता ला रही है। यह कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए स्थायी ऊर्जा के अवसरों का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सहायक कंपनी की स्थिति
हाल ही में 19 मार्च 2025 को शामिल की गई सहायक कंपनी HPEPL ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में NIL (शून्य) का कंसोलिडेटेड टर्नओवर दर्ज किया था। यह दर्शाता है कि कंपनी अभी अपने शुरुआती चरण में है और प्रोजेक्ट पूरा होने पर निर्भर है।
स्टेक में बदलाव
7,14,286 इक्विटी शेयर के अलॉटमेंट के बाद, हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज का HPEPL में स्टेक बढ़कर 78.70% हो जाएगा। यह पूंजी का निवेश HPEPL के 60 मेगावाट सोलर पावर प्लांट के विकास को गति देगा और कंपनी को प्रतिस्पर्धी रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में स्थापित करेगा, जिससे कंपनी के लिए आय का एक नया स्रोत खुल सकता है।
संभावित जोखिम
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा जोखिम HPEPL द्वारा 60 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का समय पर सफल कार्यान्वयन (Execution) और कमीशनिंग (Commissioning) है। सहायक कंपनी का NIL टर्नओवर बताता है कि इसे प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। हरिओम पाइप का ओवरऑल फाइनेंशियल परफॉरमेंस अब HPEPL की सफलता पर निर्भर करेगा।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
हरिओम पाइप, टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियों के साथ एक ऐसे सेक्टर में प्रवेश कर रही है जहाँ पहले से ही मजबूत खिलाड़ी मौजूद हैं। यह सेक्टर की ग्रोथ और कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाता है। अपने मुख्य पाइप निर्माण व्यवसाय में, ए.पी.एल. अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड (APL Apollo Tubes Ltd.) जैसी कंपनियों ने डायवर्सिफिकेशन में सफलता पाई है, जो हरिओम पाइप के लिए भी भविष्य में उपयोगी रणनीति हो सकती है।
प्रमुख आंकड़े
31 दिसंबर 2025 तक, HPEPL की पेड-अप शेयर कैपिटल ₹11.87 करोड़ थी।
