GAIL की ग्रीन एनर्जी में छलांग! यूपी में ₹3,295 करोड़ का सोलर-बैटरी प्रोजेक्ट मंजूर, 600 MW क्षमता

RENEWABLES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
GAIL की ग्रीन एनर्जी में छलांग! यूपी में ₹3,295 करोड़ का सोलर-बैटरी प्रोजेक्ट मंजूर, 600 MW क्षमता
Overview

GAIL (India) Ltd ने उत्तर प्रदेश में **₹3,294.86 करोड़** के भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट से **600 MW** का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट में **550 MWh** की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी शामिल होगी। यह कदम कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक बड़ा विस्तार है और इसका मकसद ग्रिड की स्थिरता को मजबूत करना है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

GAIL का बड़ा फैसला: यूपी में ₹3,295 करोड़ का सोलर-बैटरी प्रोजेक्ट

GAIL (India) Ltd के बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश में ₹3,294.86 करोड़ की लागत से 600 MW का सोलर पावर प्रोजेक्ट और साथ ही 550 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी से कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करेगी और देश की एनर्जी ट्रांजिशन (Energy Transition) की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

प्रोजेक्ट की खासियतें

इस नए 600 MW सोलर पावर प्रोजेक्ट और इसके साथ इंटीग्रेटेड 550 MWh BESS का कुल अनुमानित खर्च टैक्स और अन्य खर्चों को मिलाकर ₹3,294.86 करोड़ है। GAIL का लक्ष्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के 15 महीने के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है।

रणनीतिक महत्व

यह प्रोजेक्ट GAIL को रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में एक बड़ी भूमिका निभाने में मदद करेगा, साथ ही भारत के एनर्जी ट्रांजिशन और नेट जीरो (Net Zero) उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होगा। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का जुड़ना ग्रिड की स्थिरता के लिए बेहद अहम है, जिससे सौर ऊर्जा के उत्पादन में उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार बिजली की सप्लाई की जा सकेगी। यह कदम GAIL की नेचुरल गैस से इतर एनर्जी सोर्स में विविधता लाने की रणनीति को भी दर्शाता है।

GAIL का रिन्यूएबल एनर्जी सफर

भारत की सबसे बड़ी नेचुरल गैस कंपनी के तौर पर जानी जाने वाली GAIL अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार कर रही है। फरवरी 2026 तक, कंपनी के पास लगभग 145 MW वैकल्पिक ऊर्जा प्रोजेक्ट्स थे, जिनमें 118 MW विंड और 27 MW सोलर शामिल थे। GAIL उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सोलर फैसिलिटीज का संचालन करती है और 17.5 MW का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी विकसित कर रही है। कंपनी ने 2035 तक 3.4 GW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी (Renewable Energy Capacity) हासिल करने और इसी समय-सीमा तक 1,000 MWh BESS कैपेसिटी इंस्टॉल करने का लक्ष्य रखा है।

आगे क्या देखें?

निवेशक इस प्रोजेक्ट के लिए EPC कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने का बेसब्री से इंतजार करेंगे। कंस्ट्रक्शन शुरू होने की तारीख और 15 महीने के कंप्लीशन टारगेट को पूरा करने की दिशा में कंपनी की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। उत्तर प्रदेश साइट के लिए जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी में GAIL की प्रगति भी महत्वपूर्ण होगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.