Emmvee Photovoltaic Power Ltd ने 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उसने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से हासिल ₹2,143.86 करोड़ में से ₹1,976.25 करोड़ का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही, IPO से प्राप्त फंड में से ₹98.93 करोड़ अभी भी खर्च नहीं हुए हैं। यह जानकारी कंपनी की मॉनिटरिंग एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर दी गई है।
इस जुटाए गए कैपिटल का मुख्य उपयोग ₹1,621.29 करोड़ की उधारी (Borrowings) को पूरी तरह चुकाना था। इसके अलावा, जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (GCP) के लिए ₹438.71 करोड़ आवंटित थे, जिसमें से ₹347.04 करोड़ खर्च किए गए। इश्यू एक्सपेंसेस (IPO Costs) के लिए ₹83.86 करोड़ तय थे, और इनमें से ₹76.60 करोड़ का उपयोग हुआ।
यह फंड का विस्तृत उपयोग Emmvee के IPO के बाद हुआ है, जो नवंबर 2025 में बंद हुआ था। कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, यह कैपिटल कर्ज चुकाने, सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों को पूरा करने और IPO से जुड़े खर्चों को कवर करने के लिए था।
रिपोर्ट में निवेशकों के ध्यान देने योग्य दो खास बातें बताई गई हैं। पहली, इश्यू एक्सपेंसेस के लिए ₹4.56 करोड़ का टैक्स डिपॉजिट 31 मार्च 2026 तक लंबित था, हालांकि यह एक फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया था। दूसरी, फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए निर्धारित शेड्यूल से पहले ही जनरल कॉर्पोरेट पर्पज पर कुछ खर्च किया गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 के आवंटन से ₹22.04 करोड़ अधिक था।
Emmvee भारत के बढ़ते सौर ऊर्जा (Solar Energy) सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में Waaree Renewable Technologies Ltd शामिल है, जो सौर निर्माण और EPC सेवाएं भी प्रदान करती है, और Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd, जो सौर EPC सेगमेंट में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।
निवेशक बचे हुए ₹98.93 करोड़ के आगे के उपयोग, लंबित टैक्स डिपॉजिट के समाधान और जनरल कॉर्पोरेट खर्चों की टाइमिंग के बारे में अतिरिक्त खुलासों पर नज़र रखेंगे।
