Borosil Renewables ने अपने शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने 1 अप्रैल 2024 से 9 जुलाई 2026 तक चलने वाला 'सक्षम नििवेशक' (Saksham Niveshak) नाम का एक विशेष 100-दिन का अभियान शुरू किया है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शेयरधारकों को उनके KYC (Know Your Customer) डिटेल्स को अपडेट करने और किसी भी अनक्लेम्ड या अनपेड डिविडेंड (Unpaid Dividend) का दावा करने में सहायता करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शेयरधारकों के पैसे और शेयर Investor Education and Protection Fund Authority (IEPFA) में ट्रांसफर न हों।
यह पहल भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) के तहत आने वाली Investor Education and Protection Fund Authority (IEPFA) के सहयोग से चलाई जा रही है। Borosil Renewables खुद रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है, जो सोलर फोटोवोल्टेइक मॉड्यूल बनाती है।
IEPFA एक ऐसी संस्था है जो निवेशकों के हितों की रक्षा करती है और अनक्लेम्ड शेयर्स व डिविडेंड का प्रबंधन और रिफंड करती है। नियमों के अनुसार, यदि डिविडेंड लगातार सात वर्षों तक अनक्लेम्ड रहता है, तो उसे IEPF में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
इस अभियान के ज़रिये, शेयरधारकों को 9 जुलाई 2026 तक अपना KYC अपडेट करने और लंबित डिविडेंड राशि का दावा करने का एक सीधा और सुलभ माध्यम मिल गया है। यह कंपनी के शेयरधारक रजिस्ट्री को अधिक सटीक बनाने में भी मदद करेगा।
हालांकि, एक बड़ा जोखिम यह है कि अगर शेयरधारक इस अभियान में पर्याप्त रूप से भाग नहीं लेते हैं, तो भी नियमों के अनुसार सात साल की अवधि के बाद अनक्लेम्ड डिविडेंड और शेयर IEPF में ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की अन्य प्रमुख कंपनियां, जैसे Adani Green Energy Ltd और Tata Power Company Ltd, भी अपने निवेशकों के लिए मजबूत फ्रेमवर्क बनाए रखती हैं।
यह 'सक्षम नििवेशक' अभियान 1 अप्रैल से 9 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। आगे निवेशक और विश्लेषक इस अभियान पर शेयरधारकों की प्रतिक्रिया और सफलतापूर्वक क्लेम की गई अनक्लेम्ड डिविडेंड की कुल राशि पर नजर रखेंगे।