सोलर प्रोजेक्ट में क्यों हुई देरी?
Ashnisha Industries की ओर से 31 मार्च 2026 को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का महत्वाकांक्षी सोलर पावर प्रोजेक्ट अपने तय समय मार्च 2026 से आगे बढ़कर अब दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए ₹49.24 करोड़ का फंड राइट्स इशू के ज़रिए जुटाया था।
फंड के इस्तेमाल पर उठ रहे सवाल
रिपोर्ट में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि कंपनी ने General Corporate Purpose (GCP) के तहत कुछ खर्चों को स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाया है, जो कि ऑफर डॉक्यूमेंट (Offer Document) में बताए गए उद्देश्यों से मेल नहीं खाते और बोर्ड की मंजूरी के बिना किए गए हो सकते हैं। हालांकि, कंपनी का कहना है कि फंड का इस्तेमाल ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार ही हुआ है। रिपोर्ट की तारीख तक, राइट्स इशू से ₹6.85 करोड़ की राशि अप्रयुक्त (unutilized) थी, जिसमें से ₹4.55 करोड़ सिर्फ सोलर प्रोजेक्ट के लिए थे।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट
निवेशकों के लिए सबसे चिंताजनक बात प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में आई भारी कमी है। प्रमोटर्स की हिस्सेदारी राइट्स इशू से पहले 17.35% थी, जो अब घटकर मात्र 6.61% रह गई है। यह बड़ी गिरावट कंपनी के मुख्य हितधारकों (stakeholders) के गिरते विश्वास का संकेत दे सकती है।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
प्रोजेक्ट में देरी का सीधा असर कंपनी के मुनाफे (profit) और कैश फ्लो (cash flow) पर पड़ सकता है, खासकर सोलर पावर प्लांट्स जैसे रेवेन्यू-जेनरेटिंग एसेट्स के लिए। फंड के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवाल निवेशकों के भरोसे को और कम कर सकते हैं।