ACME Solar Rajasthan: **35 MW** स्टोरेज पावर चालू, बिजली सप्लाई में बड़ा बूस्ट!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ACME Solar Rajasthan: **35 MW** स्टोरेज पावर चालू, बिजली सप्लाई में बड़ा बूस्ट!
Overview

ACME Solar Holdings ने राजस्थान में अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट का दूसरा फेज शुरू कर दिया है। इस नए फेज से कंपनी को **35.714 MW** की पावर क्षमता और **160.48 MWh** की स्टोरेज क्षमता मिली है।

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राजस्थान में ACME Solar का पावर बूस्ट

ACME Solar Holdings ने राजस्थान के जैसलमेर (Jaimalsar) में स्थित अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस नए एडिशन से कंपनी को 35.714 MW की पावर कैपेसिटी और 160.48 MWh की एनर्जी स्टोरेज क्षमता मिली है। इस चालू होने के साथ ही, ACME Solar की कुल ऑपरेशनल BESS क्षमता बढ़कर 95.714 MW / 430.086 MWh हो गई है। यह कंपनी के 250 MW / 1103.392 MWh की पूरी क्षमता हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नई क्षमता से ऊर्जा क्षेत्र को फायदा

ACME Surya Power Private Limited, जो ACME Solar Holdings की एक सब्सिडियरी है, ने इस नई क्षमता को ऑपरेशनल बनाया है। यह एक्सपैंशन भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के लिए बेहद अहम है। BESS जैसे बैटरी स्टोरेज सिस्टम ग्रिड की स्टेबिलिटी (Grid Stability) के लिए बहुत ज़रूरी हैं। ये सोलर और विंड पावर जैसे रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स को इंटीग्रेट करने में मदद करते हैं। ये सिस्टम तब एनर्जी स्टोर करते हैं जब डिमांड कम होती है और तब रिलीज़ करते हैं जब पीक टाइम होता है, जिससे ग्रिड की रिलायबिलिटी और पावर यूसेज एफिशिएंसी बढ़ती है। ACME Solar, एक लीडिंग रिन्यूएबल एनर्जी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) के तौर पर, अपनी एनर्जी स्टोरेज सेगमेंट को स्ट्रैटेजिकली बढ़ा रहा है ताकि अपने मौजूदा सोलर और विंड पोर्टफोलियो को सपोर्ट मिल सके।

भविष्य की ओर कदम

ACME Solar लगातार अपनी बैटरी स्टोरेज फुटप्रिंट बढ़ा रहा है, खासकर राजस्थान में। कंपनी BESS प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है, जिनमें से कुछ मर्चेंट बेसिस पर ऑपरेट करते हैं ताकि ऑफ-पीक और पीक बिजली की कीमतों के अंतर का फायदा उठाया जा सके। ये सिस्टम भारत के नेशनल ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हैं। पिछले साल दिसंबर 2024 में, ACME Solar ने जैसलमेर, राजस्थान में 1,023 MW के बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स को भी कमीशन किया था।

कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप

ACME Solar इस सेक्टर में Tata Power, Adani Green Energy और ReNew Energy जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ कॉम्पिटिशन में है। ये कंपनियां भी रिन्यूएबल्स और स्टोरेज में भारी निवेश कर रही हैं।

निवेशकों की नज़र

इन्वेस्टर्स ACME Solar की ओर से जैसलमेर BESS प्रोजेक्ट के बाकी फेज को पूरा करने की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे। ऑपरेशनल परफॉरमेंस, एनर्जी स्टोरेज सर्विसेज से रेवेन्यू जनरेशन और इन सर्विसेज के लिए नए पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) प्रमुख इंडिकेटर्स होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.