इंसॉल्वेंसी के बीच Vas Infrastructure का शेयरहोल्डिंग खुलासा
Vas Infrastructure Ltd ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ) के लिए अपनी शेयरहोल्डिंग पैटर्न फाइल कर दी है। इस फाइलिंग को कंपनी के रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) अशोक कुमार गोलेच्छा ने 07 अप्रैल, 2026 को जमा कराया है। कंपनी वर्तमान में इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही के अधीन है।
शेयरहोल्डिंग पर प्रमोटरों की स्थिति
यह डिस्क्लोजर कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की शेयरहोल्डिंग से संबंधित है। यह SEBI के शेयरहोल्डिंग डिस्क्लोजर नियमों का अनुपालन करता है। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा फाइलिंग किया जाना इस बात की पुष्टि करता है कि Vas Infrastructure Ltd इंसॉल्वेंसी की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल है।
NCLT में रिजॉल्यूशन प्लान की समीक्षा
Vas Infrastructure Ltd 11 मार्च, 2024 को इंसॉल्वेंसी कार्यवाही में प्रवेश कर गई थी, जब NCLT मुंबई बेंच ने कैनाडा बैंक (Canara Bank) को भुगतान में डिफॉल्ट के बाद इसे स्वीकार कर लिया था। उस समय, कंपनी पर कुल ₹390 करोड़ का कर्ज था।
फिलहाल, Authum Investment & Infrastructure Limited को सफल रिजॉल्यूशन आवेदक (Successful Resolution Applicant) के रूप में चुना गया है। कंपनी ने 94.99% इक्विटी के लिए लगभग ₹86.04 करोड़ की योजना का प्रस्ताव दिया है। NCLT मुंबई बेंच वर्तमान में इस रिजॉल्यूशन प्लान की समीक्षा कर रही है।
वित्तीय स्थिति और सेक्टर का माहौल
हालांकि कंपनी इंसॉल्वेंसी से गुजर रही है, तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों में कुछ सुधार दिखा है। Vas Infrastructure ने Q3 FY26 में ₹1.89 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹5.57 लाख के नुकसान से बेहतर है। वहीं, Q3 FY26 के लिए कुल आय बढ़कर ₹11.59 लाख हो गई, जो साल-दर-साल 87.24% की वृद्धि है।
भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी एग्जीक्यूशन संबंधी समस्याओं, नए ऑर्डर्स में गिरावट और लागत व मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Vas Infrastructure की अपनी विशिष्ट इंसॉल्वेंसी स्थिति है, लेकिन सेक्टर का आर्थिक माहौल इसकी रिकवरी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अब NCLT मुंबई बेंच द्वारा Authum Investment & Infrastructure के रिजॉल्यूशन प्लान पर लिए जाने वाले फैसले का बेसब्री से इंतजार है। अप्रूव्ड प्लान के कार्यान्वयन की किसी भी समय-सीमा पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल से कंपनी की वित्तीय स्थिति या ऑपरेशनल रिकवरी पर आगे के अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।
