Unitech के बोर्ड में फेरबदल: नॉमिनी डायरेक्टर का इस्तीफा, एक ने पद ठुकराया
रियल एस्टेट कंपनी Unitech Limited ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि सेंट्रल गवर्नमेंट की नॉमिनी डायरेक्टर Mrs. Uma Shankar ने 7 मार्च, 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने यह भी बताया कि Ms. Rasika Chaube ने बोर्ड में शामिल होने की पेशकश को स्वीकार नहीं किया है। Unitech ने इस डिस्क्लोजर को फाइल करने में हुई देरी के लिए माफी मांगी है, जिसका कारण एक अनजाने में हुई चूक (oversight) बताई गई है।
इन बदलावों का महत्व
Mrs. Shankar की नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर भूमिका बेहद अहम थी। सेंट्रल गवर्नमेंट के निर्देश पर Unitech के इंडिपेंडेंट मैनेजमेंट के लिए उन्हें अपॉइंट किया गया था। उनके इस्तीफे से उस बोर्ड की संरचना में बदलाव आया है जो कंपनी के पुराने और जटिल मसलों को सुलझाने के लिए जिम्मेदार है। यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे कंपनी के मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में लगातार हो रहे बदलावों को दर्शाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य होमबायर्स के हितों की रक्षा करना और अटके हुए प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करना है।
Unitech की निगरानी का बैकग्राउंड
Unitech Limited, जो कभी एक प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर थी, गंभीर चुनौतियों का सामना कर चुकी है, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा। दिसंबर 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक इंडिपेंडेंट मैनेजमेंट टीम नियुक्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद, मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) ने एक नए बोर्ड की संरचना का प्रस्ताव रखा, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 20 जनवरी, 2020 को मंजूरी दी। Mrs. Uma Shankar 19 अक्टूबर, 2022 को मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स द्वारा नियुक्त नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर इस कोर्ट-मांडेटेड बोर्ड से जुड़ी थीं। कंपनी का इतिहास कानूनी विवादों से भरा रहा है, जिसमें कुप्रबंधन, फंड डायवर्जन और प्रोजेक्ट्स में देरी के आरोप शामिल हैं। इसके पूर्व प्रमोटर 2G स्पेक्ट्रम घोटाले से भी जुड़े रहे हैं और मनी लॉन्ड्रिंग जांच का सामना भी कर चुके हैं।
प्रभाव और अगले कदम
Mrs. Uma Shankar के जाने से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एक पद खाली हो गया है। इस बदलाव के लिए बोर्ड की अपेक्षित संरचना और संचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए नए अपॉइंटमेंट्स की आवश्यकता हो सकती है। Unitech का मुख्य लक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करना और होमबॉयर्स को राहत दिलाना है। यह स्थिति यह भी रेखांकित करती है कि सख्त रेगुलेटरी निगरानी वाली कंपनियों के लिए समय पर और सटीक डिस्क्लोजर कितना महत्वपूर्ण है।
संभावित जोखिम
अनजाने में हुई चूक के कारण हुई देरी से हुई फाइलिंग, रेगुलेटरी रिपोर्टिंग डेडलाइन के पालन में संभावित खामियों का संकेत देती है, जो आगे और जांच का कारण बन सकती है। बोर्ड में बार-बार बदलाव या पद स्वीकार करने में अनिच्छा, गवर्नेंस या ऑपरेशनल स्टेबिलिटी के अंतर्निहित मुद्दों का संकेत दे सकती है। बोर्ड के काम में कोई भी बाधा समाधान के प्रयासों और प्रोजेक्ट पूरा होने की गति को प्रभावित कर सकती है।
