Unitech International Ltd: Resolution Process में एक और रुकावट
5 मई 2026 को Unitech International Ltd की कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (Committee of Creditors - CoC) की 9वीं मीटिंग हुई, लेकिन इसमें कई अहम डिसीजन्स (decisions) को अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया। हालांकि, प्रोस्पेक्टिव एप्लीकेंट्स (prospective applicants) की ओर से पेश किए गए रेजोल्यूशन प्लान्स (resolution plans) पर विचार किया गया और उन्हें खोला गया, लेकिन प्रोफेशनल फर्म्स (professional firms) और ऑडिटर्स (auditors) की अपॉइंटमेंट (appointment) जैसे बड़े फैसलों को स्थगित कर दिया गया।
मीटिंग में क्या हुआ?
मीटिंग के एजेंडे में ड्यू डिलिजेंस (due diligence) के लिए प्रोफेशनल फर्म्स को हायर करने और ऑडिटर चुनने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल थे। लेकिन, CoC ने इन डिसीजन्स के साथ-साथ सबमिट किए गए रेजोल्यूशन प्लान्स की डिटेल्ड वेटिंग (detailed vetting) को भी फिलहाल रोक दिया है। इसका मतलब है कि इस process के जरूरी स्टेप्स (steps) आगे की बैठकों में तय होंगे।
अनिश्चितता का लंबा दौर
इन प्रमुख डिसीजन्स के स्थगित होने से Unitech International Ltd के कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (Corporate Insolvency Resolution Process - CIRP) में uncertainty का दौर और लंबा खिंच गया है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स (shareholders), फाइनेंशियल और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स (financial and operational creditors) के साथ-साथ पोटेंशियल इन्वेस्टर्स (potential investors) को कंपनी के फ्यूचर स्ट्रक्चर (future structure) और मैनेजमेंट को लेकर क्लैरिटी (clarity) का इंतजार करना होगा।
Unitech का लंबा स्ट्रगल
Unitech International Ltd, जो कि एक जानी-मानी रियल एस्टेट डेवलपर है, दिसंबर 2017 से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (National Company Law Tribunal - NCLT) में एक कॉम्प्लेक्स (complex) और लेंदी (lengthy) कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है। यह process कंपनी के सीरियस फाइनेंशियल डिस्ट्रेस (serious financial distress), हैवी डेट (heavy debt) और होमबायर्स (homebuyers) व फाइनेंशियल क्रेडिटर्स के साथ चले आ रहे बड़े लीगल डिस्प्यूट्स (legal disputes) के कारण शुरू हुई थी।
कई सालों से चली आ रही इस CIRP में कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की कई मीटिंग्स और विभिन्न रेजोल्यूशन प्लान्स पर विचार-विमर्श शामिल रहा है। यह process लगातार डिलेज़ (delays) और लीगल हर्डल्स (legal hurdles) से भरी रही है, जिसके चलते रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) को process जारी रखने और कंटीन्यूटी (continuity) सुनिश्चित करने के लिए अक्सर एक्सटेंशन्स (extensions) लेने पड़े हैं।
आगे क्या?
फिलहाल, रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) की वैलिडिटी (validity) 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। अगली CoC मीटिंग्स में क्या डिसीजन्स लिए जाएंगे, प्रोफेशनल फर्म्स और ऑडिटर्स की अपॉइंटमेंट पर क्या होता है, और रेजोल्यूशन प्लान्स की इवैल्यूएशन (evaluation) में कितनी प्रोग्रेस (progress) होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
