Altis Properties Private Limited और GKS Technology Park Private Limited, अपने संबंधित पक्षों के साथ मिलकर, Tulive Developers Limited को BSE से स्वैच्छिक रूप से Delist करने का औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। इस योजना के तहत, कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी को अधिग्रहित किया जाएगा। Saffron Capital Advisors Private Limited को Delisting Offer के Manager के तौर पर नियुक्त किया गया है। BSE ने 2 अप्रैल 2026 को इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी (in-principle approval) दे दी है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए Tulive Developers ने ₹253.12 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) दर्ज किया था, जबकि नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) ₹15.92 करोड़ रहा।
Delisting के इस इरादे से पहले, कंपनी की शेयरहोल्डिंग (shareholding) काफी केंद्रित थी। 31 मार्च 2023 तक, प्रमोटर ग्रुप के पास Tulive Developers Ltd के 79% शेयर थे, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास शेष 21% हिस्सेदारी थी।
अगर यह Delisting सफलतापूर्वक पूरी हो जाती है, तो Tulive Developers Limited स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं रह जाएगी, और इसके शेयर अनलिस्टेड स्टेटस में चले जाएंगे। इसका मतलब है कि जो शेयरधारक अपने स्टेक (stake) को बेचना चाहते हैं, उनके लिए लिक्विडिटी (liquidity) कम हो सकती है। प्रमोटर्स का लक्ष्य स्वामित्व को समेकित (consolidate) करना और सार्वजनिक बाजार की निगरानी से दूर रहकर कंपनी का संचालन करना है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स को इस अधिग्रहण प्रस्ताव के हिस्से के रूप में अपने शेयर बेचने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, इस प्रक्रिया के सफल होने में कुछ प्रमुख बाधाएं हैं। सबसे पहले, मिनिमम शेयर एक्सेप्टेंस लेवल (minimum share acceptance levels) पूरा न होने पर एक्वायरर्स (acquirers) ऑफर वापस ले सकते हैं। इसके अलावा, जरूरी वैधानिक और रेगुलेटरी अप्रूवल (statutory and regulatory approvals), जैसे SEBI और स्टॉक एक्सचेंज से मंजूरी मिलने में देरी हो सकती है या वे कठिन शर्तें लगा सकते हैं। नॉन-रेजिडेंट शेयरहोल्डर्स (Non-resident shareholders) को भी अपने होल्डिंग्स के लिए विशेष अप्रूवल देने होंगे ताकि उनके शेयर ऑफर में स्वीकार किए जा सकें।
