Tridev Infraestates Share Trading Band: 1 अप्रैल से शेयर बाजार में दिखेगा 'लॉकडाउन', जानिए क्या है वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Tridev Infraestates Share Trading Band: 1 अप्रैल से शेयर बाजार में दिखेगा 'लॉकडाउन', जानिए क्या है वजह
Overview

Tridev Infraestates Limited ने शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। कंपनी की सिक्योरिटीज (securities) में ट्रेडिंग 1 अप्रैल 2026 से बंद कर दी जाएगी। यह रोक वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के नतीजों की घोषणा के **48 घंटे** बाद तक लागू रहेगी।

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इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगेगी लगाम: क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग?

यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के कड़े नियमों और कंपनी की आंतरिक आचार संहिता का पालन करने के लिए उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य 'इनसाइडर ट्रेडिंग' (insider trading) को पूरी तरह से रोकना है।

इसके ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि कंपनी की गोपनीय, कीमत-संवेदनशील जानकारी रखने वाले व्यक्ति शेयर बाज़ार बंद होने से पहले या नतीजों की घोषणा से पहले कंपनी के शेयरों में कोई भी खरीद-बिक्री न कर पाएं। यह सभी निवेशकों के लिए एक निष्पक्ष बाज़ार बनाए रखने में मदद करता है।

कंपनी का बदलता स्वरूप

Tridev Infraestates Limited का सफर दिलचस्प रहा है। मूल रूप से 1988 में Kailashpati Paper Mills Limited के नाम से स्थापित और बाद में Ashutosh Paper Mills Limited के रूप में जानी जाने वाली इस कंपनी ने समय के साथ अपने बिज़नेस के दायरे का विस्तार किया है।

शुरुआती दौर में पेपर उत्पादों पर केंद्रित रहने के बाद, कंपनी ने शेयर ट्रेडिंग, वित्तीय सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाई है। कंपनी को अतीत में वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें काफी बड़े संचित घाटे (accumulated losses) भी शामिल हैं। इन घाटे को राइट-ऑफ करने के लिए कंपनी ने शेयरों की पूंजी में कटौती (share capital reduction) का प्रस्ताव भी पेश किया था।

इनसाइडर ट्रेडिंग पर कड़ाई

ट्रेडिंग विंडो बंद होने की अवधि के दौरान, कंपनी के निदेशक (directors), प्रमुख प्रबंधन कर्मी (key managerial personnel), मनोनीत कर्मचारी (designated employees), प्रमोटर (promoters) और अन्य सभी जुड़े हुए लोगों को Tridev Infraestates की सिक्योरिटीज का व्यापार करने की सख्त मनाही होगी।

इस पाबंदी में कंपनी के शेयरों को खरीदना, बेचना या गिरवी रखना शामिल है। यह कदम SEBI के 'इनसाइडर ट्रेडिंग (प्रतिषेध) विनियम, 2015' का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करता है।

यह एक आम बाज़ार प्रथा

वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले ट्रेडिंग विंडो को बंद करना भारतीय शेयर बाज़ार में एक सामान्य और मानक प्रक्रिया है। उदाहरण के तौर पर, Transindia Real Estate Limited जैसी कंपनियों ने भी हाल ही में अपने वित्तीय परिणामों के लिए इसी तरह का कदम उठाया था।

SEBI सभी लिस्टेड कंपनियों के लिए बाज़ार की अखंडता बनाए रखने और इनसाइडर ट्रेडिंग जैसी अनैतिक गतिविधियों को रोकने हेतु इस तरह के उपायों को अनिवार्य करता है।

महत्वपूर्ण तारीखें और आगे क्या?

यह ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से बंद रहेगी। कंपनी द्वारा 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अपने वित्तीय परिणामों की आधिकारिक घोषणा करने के ठीक 48 घंटे बाद ही यह विंडो दोबारा खोली जाएगी।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और वित्तीय वर्ष के लिए Tridev Infraestates Limited द्वारा जारी किए जाने वाले वित्तीय नतीजों पर बारीकी से नज़र रखें। इन नतीजों के बाद ही ट्रेडिंग विंडो खुलने का समय तय होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.