Thrive Future Habitats Ltd में प्रमोटर ग्रुप के भीतर शेयरों का ट्रांसफर हुआ है। कंपनी के प्रमोटर, अरविंदर सिंह पसीचा, को एक अन्य प्रमोटर, मिसेज अमन पसीचा बलसारा, से 300,000 इक्विटी शेयर गिफ्ट के तौर पर मिले हैं। इस ऑफ-मार्केट ट्रांज़ैक्शन के बाद, अरविंदर सिंह पसीचा की वोटिंग शेयरधारिता 27.58% से बढ़कर 30.72% पर पहुंच गई है। वहीं, उनकी डाइल्यूटेड शेयरधारिता 13.97% से बढ़कर 15.56% हो गई है।
प्रमोटरों के बीच हिस्सेदारी में यह बदलाव कंपनी के अंदर नियंत्रण या आर्थिक हितों में बदलाव का संकेत देता है। यह कंपनी की भविष्य की संभावनाओं में विश्वास या उनके होल्डिंग्स के पुनर्गठन का संकेत भी हो सकता है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह बढ़ोतरी 31 मार्च 2026 को होने वाले 17,58,592 इक्विटी शेयरों के बड़े अलॉटमेंट से पहले हुई है। इस बड़े अलॉटमेंट के बाद मौजूदा शेयरधारिता प्रतिशत में बदलाव होगा और मौजूदा प्रतिशत (जैसे 30.72% और 15.56%) बदल जाएंगे।
अरविंदर सिंह पसीचा का सीधा वोटिंग कंट्रोल 30% के थ्रेशोल्ड को पार कर गया है, जो SEBI (सब्सटैंटियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स) रेगुलेशंस, 2011 के तहत आवश्यक डिस्क्लोजर की मांग करता है।
Thrive Future Habitats Ltd, जो पहले GFL Real Estate Developers Ltd के नाम से जानी जाती थी, रियल एस्टेट सेक्टर में काम करती है। कंपनी का इक्विटी शेयर कैपिटल अलॉटमेंट से पहले ₹9.56 Cr था, और गिफ्ट के बाद अलॉटमेंट से पहले कुल डाइल्यूटेड शेयर कैपिटल ₹18.87 Cr हो गया है।
निवेशकों को 31 मार्च 2026 को होने वाले शेयर अलॉटमेंट के सटीक प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों और भविष्य की रणनीतिक घोषणाओं पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
