बोर्ड में बड़ा फेरबदल
Thakkers Developers Ltd. ने हाल ही में अपनी बोर्ड संरचना में बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने विधि नरेंद्र ठक्कर को 26 मार्च, 2026 से शुरू होने वाले पांच साल के टर्म के लिए 'एडिशनल और होल टाइम डायरेक्टर' के रूप में अपॉइंट किया है। यह नियुक्ति पूनम राजेंद्र ठक्कर के बोर्ड से तत्काल इस्तीफे के बाद की गई है।
26 मार्च, 2026 को जारी कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, पूनम राजेंद्र ठक्कर ने तुरंत डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया। उसी दिन, विधि नरेंद्र ठक्कर को बोर्ड में शामिल किया गया। विधि ठक्कर एक लॉ ग्रेजुएट हैं और रियल एस्टेट व बिजनेस डेवलपमेंट के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती हैं। वे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ, नरेंद्र मनोहरदास ठक्कर की बेटी हैं।
इस बदलाव का कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन पर असर पड़ने की उम्मीद है। एक होल टाइम डायरेक्टर के तौर पर, विधि ठक्कर कंपनी के रोजमर्रा के ऑपरेशंस में सक्रिय रूप से शामिल होंगी। माना जा रहा है कि उनकी कानूनी और रियल एस्टेट की पृष्ठभूमि मैनेजमेंट टीम को और मजबूत करेगी।
1962 में स्थापित, Thakkers Developers का रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें ठक्कर परिवार पारंपरिक रूप से नेतृत्व की भूमिका निभाता आया है। नरेंद्र एम. ठक्कर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ के तौर पर कार्यरत हैं, जबकि जितेंद्र एम. ठक्कर भी एक अहम व्यक्ति हैं। पूनम राजेंद्र ठक्कर पहले इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर सेवाएं दे चुकी हैं। Thakkers Developers में डायरेक्टर की नियुक्तियों में आमतौर पर कमेटी नॉमिनेशन और शेयरधारकों की मंजूरी शामिल होती है, जिसमें टर्म अक्सर तीन से पांच साल तक का होता है।
कंपनी भारत के प्रतिस्पर्धी रियल एस्टेट सेक्टर में प्रमुख खिलाड़ियों जैसे Godrej Properties, Oberoi Realty, DLF और Macrotech Developers के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जो प्रमुख भारतीय शहरों में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टीज के विकास में सक्रिय हैं।
निवेशक अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) या किसी विशेष बैठक में विधि नरेंद्र ठक्कर की नियुक्ति पर होने वाले शेयरहोल्डर वोट पर नजर रखेंगे। उनकी रेमुनरेशन पैकेज का विवरण भी सामने आ सकता है। डायरेक्टर की जिम्मेदारियां पूरी तरह से संभालने से पहले शेयरधारकों की मंजूरी हासिल करना अगला अहम कदम है।