Q4 में चमकी कंपनी, पर पूरे साल का बुरा हाल!
Supreme Holdings & Hospitality (India) Ltd के FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी के लिए यह साल दो बिल्कुल अलग कहानियों वाला रहा। चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 117.68% बढ़कर ₹3.06 करोड़ (₹305.60 लाख) हो गई। इस तिमाही में कंपनी को ₹0.08 करोड़ (₹8.49 लाख) का नेट लॉस हुआ।
पूरे साल का निराशाजनक परफॉरमेंस
वहीं, 31 मार्च 2026 को खत्म हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) में कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 88.88% की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह पिछले साल के ₹69.78 करोड़ (₹6,977.84 लाख) से घटकर सिर्फ़ ₹7.76 करोड़ (₹775.70 लाख) रह गई। गजब की बात ये है कि इस भारी गिरावट के बावजूद, कंपनी ने पूरे साल में ₹0.39 करोड़ (₹39.21 लाख) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
चिंता का विषय: ऑपरेशनल परफॉरमेंस
यह नतीजे कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। Q4 में रेवेन्यू में आई तेजी एक राहत की बात है, लेकिन पूरे साल में कारोबार का इतना बड़ा संकुचन कंपनी की मुख्य व्यवसायिक गतिविधियों में गहरी चुनौतियों का संकेत देता है।
आगे क्या उम्मीद?
शेयरहोल्डर्स अब Q4 की रेवेन्यू ग्रोथ की निरंतरता पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशन में 'Other Income' का 'Revenue from Operations' से ज़्यादा होना, मुख्य बिजनेस की लाभप्रदता पर भी सवाल उठाता है। निवेशकों को कंपनी के ऑपरेशनल कैश फ्लो और मुख्य बिजनेस सेगमेंट से होने वाली कमाई पर ध्यान देना होगा।
अहम आंकड़े:
- FY26 के अंत तक, कंपनी की स्टैंडअलोन टोटल इक्विटी ₹565.83 करोड़ पर मजबूत बनी हुई है।
- कंपनी ने FY26 के दौरान ₹24.16 करोड़ का ट्रेड रिसीवेबल्स सफलतापूर्वक कलेक्ट किया है।
- FY26 के लिए स्टैंडअलोन 'Other Income' ₹3.86 करोड़ थी, जो 'Revenue from Operations' (₹3.81 करोड़) से अधिक थी।
जोखिम:
- सालाना कंसोलिडेटेड इनकम में ~89% की भारी गिरावट।
- साल भर के लिए ₹2.82 करोड़ (₹281.73 लाख) का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग लॉस।
- स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग एक्टिविटी से नेगेटिव नेट कैश ₹0.73 करोड़ (₹72.99 लाख)।