Standard Industries को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने ₹1,950.17 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹3,433.10 करोड़ रहा। यह पिछले वित्तीय वर्ष के नतीजों के मुकाबले एक बड़ी गिरावट दर्शाता है।
इस बीच, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक अहम फैसले में मुंबई की एक बड़ी प्रॉपर्टी के डेवलपमेंट राइट्स (Development Rights) को ₹169.51 करोड़ में असाइन (Assign) करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी की रियल एस्टेट असेट्स (Assets) को मोनेटाइज (Monetize) करने और जरूरी कैश फ्लो (Cash Flow) जुटाने की रणनीति का हिस्सा है।
इसके अलावा, बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर ₹0.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की भी सिफारिश की है।
कंपनी लगातार नेट लॉस का सामना कर रही है, ऐसे में यह ज़मीन डील उसकी कीमती रियल एस्टेट होल्डिंग्स (Real Estate Holdings) से वैल्यू निकालने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कोशिश है।
शेयरधारकों को ₹169.51 करोड़ की इस ज़मीन डेवलपमेंट राइट्स असाइनमेंट (Assignment) से तरलता (Liquidity) बढ़ने या भविष्य में वैल्यू मिलने की उम्मीद जगी है।
हालांकि, इस ₹169.51 करोड़ की डील में एक जोखिम यह है कि यह राशि किश्तों (Tranches) में चुकाई जाएगी, जिससे भुगतान में देरी की संभावना बनी रहेगी।
रियल एस्टेट सेक्टर में Godrej Properties Ltd., Oberoi Realty Ltd. और DLF Ltd. जैसी स्थापित कंपनियां अपनी ज़मीन का इस्तेमाल करके ग्रोथ करती हैं। Standard Industries का यह कदम भी इसी दिशा में है, लेकिन यह उन साथियों से अलग है जो आक्रामक विस्तार पर जोर दे रहे हैं; Standard मुख्य रूप से अपनी असेट्स को मोनेटाइज कर नुकसान को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
शेयरधारकों को आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में फाइनल डिविडेंड और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर Shri Khurshed Thanawalla की पुनः नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर वोट करना होगा।
