रियल एस्टेट को मिलेगी रफ्तार: ₹97 करोड़ के राइट्स इश्यू को मिली मंजूरी
Mumbai-based रियल एस्टेट डेवलपर Shraddha Prime Projects अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए ₹9,700 लाख, यानी ₹97 करोड़ का फंड राइट्स इश्यू के जरिए जुटाने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने मंजूरी दे दी है।
FY25 में दमदार प्रदर्शन:
यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹2,491.54 लाख रहा, जो FY24 के ₹656.48 लाख के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसी तरह, कंपनी की कुल आय (Total Income) भी FY25 में बढ़कर ₹16,016.56 लाख हो गई, जबकि FY24 में यह ₹8,480.38 लाख थी। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी FY25 में ₹2,464.28 लाख पर पहुंच गया, जो FY24 में ₹653.36 लाख था।
**आगे क्या?
राइट्स इश्यू की खास शर्तों को तय करने के लिए एक 'राइट्स इश्यू कमेटी' का गठन किया गया है। हालांकि, इस इश्यू को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी को स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य जरूरी रेगुलेटरी बॉडीज से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (सैद्धांतिक मंजूरी) लेना होगा।
रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए फंड की उपलब्धता बहुत अहम होती है, खासकर जमीन खरीदने, कंस्ट्रक्शन और रोजमर्रा के खर्चों को मैनेज करने के लिए। यह राइट्स इश्यू मौजूदा शेयरहोल्डर्स को एक निश्चित कीमत पर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का मौका भी देता है।
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड:
Shraddha Prime Projects पहले भी कैपिटल मार्केट्स से फंड जुटा चुकी है। 2023 में कंपनी ₹49.88 करोड़ का राइट्स इश्यू लेकर आई थी और मार्च 2023 में ₹49.87 करोड़ का एक और राइट्स इश्यू पेश किया था। इसके अलावा, हाल ही में कंपनी ने ₹60 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने का भी प्रस्ताव दिया था।
कुछ चिंताएं भी:
कंपनी के वर्किंग कैपिटल डेज (Working Capital Days) में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो 305 दिनों से बढ़कर 587 दिन हो गए हैं। इससे कैश कन्वर्जन साइकिल पर दबाव के संकेत मिलते हैं। एक अलग डेवलपमेंट में, मार्च 2026 में प्रमोटर सुधीर बालू मेहता ने एक LLP लोन के लिए अपनी लगभग 17.33% हिस्सेदारी HDFC बैंक में गिरवी रखी थी।
**शेयरहोल्डर्स के लिए क्या मायने?
यह राइट्स इश्यू शेयरहोल्डर्स को नए शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का मौका देगा, संभवतः आकर्षक मूल्य पर। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी, जो विस्तार, प्रोजेक्ट्स को पूरा करने या कर्ज कम करने में मदद करेगा। वहीं, अगर इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब नहीं होता है, तो शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी कम हो सकती है।
बाजार में स्थिति:
लगभग ₹660-670 करोड़ की मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के साथ, Shraddha Prime Projects इस कॉम्पिटिटिव रियल एस्टेट सेक्टर में DLF (लगभग ₹1.35 लाख करोड़ मार्केट कैप) और Lodha Developers (लगभग ₹84,000 करोड़ मार्केट कैप) जैसे दिग्गजों की तुलना में एक छोटा खिलाड़ी है।
निवेशक इन बातों पर नजर रखेंगे:
- स्टॉक एक्सचेंज और रेगुलेटर्स से जरूरी मंजूरी की कन्फर्मेशन।
- इश्यू प्राइस, रेशियो और रिकॉर्ड डेट जैसी डिटेल्स की घोषणा।
- फंड के इस्तेमाल को लेकर कंपनी की विस्तृत योजना।
- राइट्स इश्यू और उसकी शर्तों पर बाजार का रिएक्शन।
