SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों के अनुसार, यह एक मानक नियामक कदम है। इस दौरान, कंपनी के नामित व्यक्ति और उनके करीबी रिश्तेदार SCILAL की सिक्योरिटीज (securities) में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे।
ट्रेडिंग विंडो नतीजों की सार्वजनिक घोषणा के 48 घंटे बाद फिर से खुलेगी। इसका मकसद निष्पक्ष ट्रेडिंग प्रथाओं को सुनिश्चित करना और इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) को रोकना है।
SCILAL की स्थापना नवंबर 2021 में The Shipping Corporation of India (SCI) की सहायक कंपनी के रूप में हुई थी। इसका मुख्य काम SCI की रियल एस्टेट संपत्तियों जैसी गैर-प्रमुख संपत्तियों का प्रबंधन और निपटान करना है, जो SCI की अपनी विनिवेश प्रक्रिया (disinvestment process) से अलग है।
यह नीति बाजार की अखंडता बनाए रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि सभी निवेशकों को एक साथ जानकारी मिले। भले ही SCILAL का बिजनेस मॉडल अलग हो, नियामक दायित्वों के कारण ऐसी ट्रेडिंग विंडो नीतियां सभी सूचीबद्ध कंपनियों में आम हैं।
