नतीजे और मर्जर की बड़ी तस्वीर
Roselabs Finance Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹16.37 लाख का नेट लॉस हुआ है, जबकि रेवेन्यू पूरी तरह शून्य रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹70.91 लाख था, यानी 100% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
पूरे साल का लेखा-जोखा
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी की स्टैंडअलोन इनकम बढ़कर ₹120.75 लाख हो गई, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 66.35% का उछाल दिखाती है। हालांकि, पूरे साल का नेट लॉस ₹30.70 लाख रहा। सबसे बड़ी चिंता कंपनी की नेट वर्थ को लेकर है, जो ₹503.46 लाख नेगेटिव हो चुकी है। कंपनी पर कर्ज भी बढ़कर ₹507.45 लाख पर पहुंच गया है, वहीं नकदी (Cash and cash equivalents) घटकर महज ₹5.28 लाख रह गई है।
मर्जर की राह
ऐसी गंभीर वित्तीय स्थिति के बीच, Roselabs Finance के लिए Macrotech Developers के साथ प्रस्तावित मर्जर ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता दिख रहा है। इस मर्जर योजना को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की मंजूरी मिल चुकी है और अब यह नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है।
आगे क्या?
अगर NCLT से मंजूरी मिल जाती है, तो Roselabs Finance एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर काम करना बंद कर देगी और Macrotech Developers का हिस्सा बन जाएगी। वहीं, मर्जर में विफलता की स्थिति में, कंपनी को अपने गंभीर वित्तीय संकटों का सामना अकेले ही करना पड़ेगा। शेयर बाजार के निवेशक अब NCLT के फैसले पर टकटकी लगाए हुए हैं, क्योंकि यह कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगा।
