Puravankara Limited को भारतीय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) से दो असेसमेंट ईयर (AY) के लिए जारी किए गए टैक्स डिमांड नोटिसों का सामना करना पड़ रहा है। इन नोटिसों की कुल राशि ₹51.87 करोड़ है। कंपनी का मानना है कि उसके पास इन डिमांड्स को कानूनी और तथ्यात्मक आधार पर चुनौती देने के मजबूत कारण हैं, और वह इसके खिलाफ अपील फाइल करने की तैयारी कर रही है।
ये नोटिस 31 मार्च, 2026 को प्राप्त हुए थे। इनमें से ₹39.34 करोड़ का नोटिस असेसमेंट ईयर 2016-17 के लिए है, जबकि ₹12.53 करोड़ का नोटिस असेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए जारी किया गया है। Puravankara वर्तमान में इन ऑर्डर्स के अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रही है, लेकिन उन्हें अपनी अपील पर पूरा भरोसा है।
यह टैक्स डिमांड Puravankara के लिए एक महत्वपूर्ण संभावित वित्तीय देनदारी है। कंपनी अब इन नोटिसों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। शेयरधारकों (Shareholders) के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे इस अपील प्रक्रिया की प्रगति पर नज़र रखें, और यदि अपील असफल रहती है तो फाइनेंशियल स्टेटमेंट में इस डिमांड से संबंधित कंटिंजेंट लायबिलिटी (contingent liability) दिखाई जा सकती है, जिसका संभावित वित्तीय प्रभाव हो सकता है। यह स्थिति अक्सर रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा अपने टैक्स फाइलिंग और फाइनेंशियल असेसमेंट के संबंध में सामना की जाने वाली जांच को उजागर करती है।
Puravankara Limited, जिसकी स्थापना 1975 में हुई थी और मुख्यालय बेंगलुरु में है, पहले भी टैक्स से संबंधित जांच का सामना कर चुकी है। अक्टूबर 2023 में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कथित टैक्स चोरी के संबंध में बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई सहित शहरों में कंपनी के लगभग 40 परिसरों (premises) पर सर्च किया था। उस समय मैनेजमेंट ने इसे रूटीन सर्च बताया था और किसी बड़े देनदारी की उम्मीद नहीं जताई थी, लेकिन यह टैक्स अथॉरिटीज का ध्यान कंपनी पर होने का संकेत देता है।
भारत में रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) में टैक्स फाइलिंग और फाइनेंशियल असेसमेंट को लेकर लगातार जांच होती रहती है। Puravankara, DLF Limited, Godrej Properties Ltd और Oberoi Realty Ltd जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के साथ एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है।
₹51.87 करोड़ की यह कुल डिमांड, ₹39.34 करोड़ (AY 2016-17) और ₹12.53 करोड़ (AY 2017-18) में बंटी हुई है। यह डेवलपमेंट Puravankara द्वारा FY24 में नेट प्रॉफिट में 36.9% की सालाना गिरावट के बाद आया है। निवेशक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के डिमांड नोटिस के खिलाफ Puravankara की अपील की फाइलिंग और प्रगति पर नज़र रखेंगे, साथ ही इस संभावित देनदारी या टैक्स अथॉरिटीज से किसी भी आगे के संचार के संबंध में किसी भी भविष्य के कंपनी डिस्क्लोजर पर भी ध्यान देंगे।
