Puravankara MD Ashish Puravankara: 5 साल के लिए पुनर्नियुक्ति पक्की, सैलरी में भी बड़ी बढ़ोतरी!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Puravankara MD Ashish Puravankara: 5 साल के लिए पुनर्नियुक्ति पक्की, सैलरी में भी बड़ी बढ़ोतरी!
Overview

Puravankara Limited के शेयरधारकों ने मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) आशीष रवि पुरवंकरा को **1 अप्रैल 2026** से **5 साल** के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, उनके वेतन की सीमा भी अगले **तीन वर्षों** के लिए बढ़ा दी गई है। यह फैसला लीडरशिप में निरंतरता सुनिश्चित करता है, जिससे रियल एस्टेट मार्केट में स्ट्रैटेजिक ग्रोथ को बल मिलेगा।

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Puravankara Limited के निवेशकों के लिए एक अहम खबर आई है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) आशीष रवि पुरवंकरा 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 सालों के लिए अपने पद पर बने रहेंगे। शेयरधारकों ने 19 मार्च 2026 को हुई वोटिंग में इस पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इतना ही नहीं, उनके नए कार्यकाल के शुरुआती तीन वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029) के लिए उनके वेतन की सीमा को भी बढ़ाया गया है।

रियल एस्टेट जैसा सेक्टर, जो मार्केट साइकिल्स, रेगुलेटरी बदलावों और जटिल प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन से गुजरता है, वहां लीडरशिप स्टेबिलिटी (Leadership Stability) बहुत मायने रखती है। आशीष पुरवंकरा का यह विस्तारित कार्यकाल कंपनी के स्ट्रैटेजिक विजन (Strategic Vision) के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह फैसला निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को कंपनी की बिज़नेस प्लान्स और ग्रोथ आउटलुक में विश्वास दिलाता है।

1975 में स्थापित Puravankara Limited, भारत की एक प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर है, जिसके ब्रांड्स Purva और Provident Housing हैं। आशीष पुरवंकरा ने हाल के वर्षों में कंपनी के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में, कंपनी ने FY26 के पहले नौ महीनों में लगभग ₹13,900 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) वाले अधिग्रहण और संयुक्त विकास सहित अपने पोर्टफोलियो का काफी विस्तार किया है। कंपनी ने Q3 FY26 में प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में वापसी की है, जिसका श्रेय बेहतर सेल्स और कलेक्शन्स को जाता है।

Q3 FY26 तक, Puravankara ने ₹58.48 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जिससे कंपनी लाभ में लौट आई। 9MFY26 में, कंपनी ने 1.27 करोड़ वर्ग फुट से अधिक संभावित विकसित होने योग्य क्षेत्र जोड़ा, जिसकी अनुमानित GDV ₹13,900 करोड़ है।

कंपनी हाल ही में एक नामित व्यक्ति के रिश्तेदार द्वारा किए गए अनधिकृत शेयर बिक्री से जुड़े आचार संहिता उल्लंघन के मामले को भी सुलझा चुकी है, जिसमें ₹2,837 का प्रॉफिट डिस्गॉर्जमेंट और ₹5,000 का पेनाल्टी शामिल था, जिसे SEBI के इन्वेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड में ट्रांसफर कर दिया गया। उद्योग के व्यापक जोखिमों में मार्केट में गिरावट, ब्याज दरों में बदलाव और बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की चुनौतियां शामिल हैं। Puravankara का मुकाबला DLF Limited, Sobha Limited, Godrej Properties और Macrotech Developers (Lodha Group) जैसे प्रमुख डेवलपर्स से है।

अब निवेशकों को कंपनी के प्रोजेक्ट्स के निष्पादन, तिमाही नतीजों, मार्केट शेयर और नए लॉन्च व पोर्टफोलियो ग्रोथ पर नजर रखनी चाहिए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.