कंपनी ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कर यह कन्फर्म किया है कि Qualified Institutional Placement (QIP) से जुटाए गए ₹5,000 करोड़ में से ज़्यादातर पैसा बताई गई योजनाओं के अनुसार ही खर्च किया गया है।
ICRA Limited की एक Monitoring Agency Report ने फंड के इस्तेमाल में किसी बड़ी गड़बड़ी से इनकार किया है।
31 मार्च 2026 तक, Prestige Estates ने QIP प्रोसीड्स में से ₹4,678.35 करोड़ का इस्तेमाल कर लिया था। कंपनी ने बताया कि इश्यू से कुल ₹4,899.17 करोड़ का नेट प्रोसीड मिला था, जिसमें से ₹76.93 करोड़ अभी भी अप्रयुक्त (unutilized) पड़े हैं। इश्यू से जुड़े खर्चे थोड़े बढ़कर ₹1.43 करोड़ हो गए।
यह QIP अगस्त 2023 में जुटाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा कर्ज को कम करना, नई ज़मीन की खरीद के लिए फंड देना और वर्किंग कैपिटल का प्रबंधन करना था। यह रिपोर्ट निवेशकों को भरोसा दिलाती है कि जुटाई गई पूंजी का प्रबंधन पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है और कंपनी के रणनीतिक लक्ष्यों के अनुसार ही इसका इस्तेमाल हो रहा है।
हालांकि, सब्सिडियरीज़ (subsidiaries) और जॉइंट वेंचर्स (JVs) में निवेश के लिए तय की गई राशि का उपयोग थोड़ा देरी से होगा। इन निवेशों को पहले 31 मार्च 2026 तक पूरा करने की योजना थी, लेकिन अब इन्हें FY2027 के अंत तक पूरा करने की उम्मीद है। यह इस विशेष आवंटन में एक मामूली कार्यान्वयन (execution) देरी को दर्शाता है।
निवेशक बाकी बचे ₹76.93 करोड़ के QIP प्रोसीड्स के इस्तेमाल पर बारीकी से नज़र रखेंगे, साथ ही FY2027 के नए लक्ष्य की ओर इन JV निवेशों की प्रगति को भी ट्रैक करेंगे।
