रियल एस्टेट में होगा बड़ा डिजिटल बदलाव
Prestige Estates Projects Ltd. ने Autodesk के साथ 3 साल की इस पार्टनरशिप (Partnership) के तहत, अपने सभी रेज़िडेंशियल (Residential), कमर्शियल (Commercial), रिटेल (Retail), हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) और मिक्स्ड-यूज़ (Mixed-use) प्रोजेक्ट्स के लिए एक यूनिफाइड डिजिटल इकोसिस्टम (Unified Digital Ecosystem) बनाने की योजना बनाई है। इसमें Autodesk के 'डिजाइन एंड मेक' प्लेटफॉर्म (Design and Make Platform), जिसमें Autodesk Forma और AEC कलेक्शन शामिल हैं, को डिप्लॉय किया जाएगा।
कामकाज को मिलेगा नया आयाम
इस डील का मुख्य लक्ष्य पूरी Prestige पोर्टफोलियो में इंडस्ट्री-लीडिंग डिजाइन टूल्स (Design Tools) और Autodesk कंस्ट्रक्शन क्लाउड (Construction Cloud) को स्टैंडर्डाइज करना है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे कामकाज में स्टैंडर्डाइजेशन (Standardization) आएगा और ऑपरेशंस (Operations) के बीच डिजिटल अलाइनमेंट (Digital Alignment) बेहतर होगा। यह पार्टनरशिप Prestige के ऑपरेशंस में एडवांस डिजिटल कैपेबिलिटीज (Advanced Digital Capabilities) को इंटीग्रेट करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्लेटफॉर्म को अपनाने से कंपनी को ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी (Transparency), स्केलेबिलिटी (Scalability) और रेज़िलिएंस (Resilience) हासिल होगी। 4D और 5D कैपेबिलिटीज के लागू होने से डिजाइन, शेड्यूलिंग (Scheduling) और कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) को एक साथ जोड़ा जा सकेगा।
Prestige की बड़ी पहुँच और भविष्य की रणनीति
1986 से रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय Prestige Group ने अब तक 313 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं, जो कुल 206 मिलियन स्क्वायर फीट में फैले हैं। वहीं, कंपनी के पास 128 प्रोजेक्ट्स का पाइपलाइन (Pipeline) है, जो 195 मिलियन स्क्वायर फीट में फैलेगा। यह कदम भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में तेज़ी से बढ़ रहे डिजिटलाइजेशन (Digitalization) के ट्रेंड के साथ तालमेल बिठाता है, जहाँ कंपनियाँ AI, BIM और IoT जैसी टेक्नोलॉजीज़ का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। इस पार्टनरशिप के बाद Prestige के सभी प्रोजेक्ट्स में डिजाइन और कंस्ट्रक्शन टूल्स (Construction Tools) स्टैंडर्डाइज होंगे, जिससे हितधारकों (Stakeholders) के बीच सहयोग (Collaboration) बढ़ेगा। साथ ही, प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग और कॉस्ट मैनेजमेंट के लिए एडवांस 4D और 5D कैपेबिलिटीज का इस्तेमाल होगा, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और प्रोजेक्ट की प्रेडिक्टेबिलिटी (Predictability) में सुधार होगा।