Singapore के बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड GIC ने रियल एस्टेट डेवलपर Prestige Estates Projects में अपनी हिस्सेदारी कम कर ली है। अब फंड की कुल हिस्सेदारी 3.018% से घटकर 2.941% रह गई है। यह बदलाव 2 अप्रैल, 2026 को ओपन मार्केट में हुई एक छोटी बिक्री के बाद आया है, जिसमें GIC ने कुल 329,563 शेयर बेचे। इस बिक्री में सिंगापुर सरकार की ओर से 299,305 शेयर और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर की ओर से 30,258 शेयर शामिल थे। GIC, सिंगापुर सरकार के फंड्स का प्रतिनिधित्व करता है।
बिक्री के पीछे क्या है?
हालांकि यह 0.077% की मामूली गिरावट लगती है, लेकिन GIC जैसे बड़े Institutional Investor (संस्थागत निवेशक) के कदम पर निवेशकों की पैनी नजर रहती है। ऐसी बिकवाली पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट, निवेश रणनीति में बदलाव या प्रॉफिट-बुकिंग का संकेत दे सकती है, जिसका असर स्टॉक पर पड़ सकता है।
GIC और Prestige Estates का नाता
Prestige Estates Projects भारत का एक जाना-माना रियल एस्टेट डेवलपर है, जो रेजिडेंशियल, ऑफिस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स में एक्टिव है। GIC का इस कंपनी में पुराना निवेश है। दिसंबर 2019 में GIC ने Gamnat Pte Ltd के जरिए ₹434 करोड़ का निवेश कर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी।
कंपनी का हालिया प्रदर्शन
बावजूद इसके, कंपनी का हालिया वित्तीय प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। Q3 FY2025-2026 के लिए, Prestige Estates ने रेवेन्यू (Revenue) में 130.18% का शानदार उछाल दर्ज किया, जो ₹3,908.20 Cr रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 1157.63% की जबरदस्त वृद्धि देखी गई, जो ₹222.60 Cr पर पहुंचा। दिसंबर 2025 तक, Foreign Institutional Investors (FIIs) के पास 15.72% और Mutual Funds के पास 15.88% हिस्सेदारी थी।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को अब GIC की अगली चाल पर नजर रखनी होगी। कंपनी के लगातार वित्तीय प्रदर्शन, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी पर ध्यान देना अहम होगा।