सेबी (SEBI) के नियमों के तहत, Prerna Infrabuild ने यह स्पष्ट किया है कि वह 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) की श्रेणी में नहीं आती है। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक अपने कुल ₹4.59 करोड़ के बरोइंग्स (borrowings) की जानकारी दी है, जो कि 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए तय ₹1000 करोड़ के न्यूनतम सीमा से काफी कम है।
इस वर्गीकरण (classification) से कंपनी को सेबी के कड़े नियमों से राहत मिली है। 'लार्ज कॉर्पोरेट' ढांचे के तहत कंपनियों को डेट सिक्योरिटीज (debt securities) के जरिए फंड जुटाने और अधिक विस्तृत खुलासे (disclosures) करने जैसे प्रावधानों का पालन करना होता है। Prerna Infrabuild के इस श्रेणी में न आने का मतलब है कि वे इन बाध्यताओं से मुक्त हैं।
हालांकि, कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि 'बरोइंग शॉर्टफॉल' (borrowing shortfall) की स्थिति में 0.2% तक का जुर्माना लग सकता है। यह दर्शाता है कि भविष्य में कर्ज का स्तर बढ़ने पर सेबी की ओर से निगरानी की जा सकती है।
1988 में स्थापित Prerna Infrabuild लिमिटेड, रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय है। यह वर्गीकरण कंपनी को अपने वित्तपोषण (financing) निर्णयों में अधिक लचीलापन प्रदान करता है, जिससे प्रबंधन अपने मुख्य व्यवसाय, यानी रियल एस्टेट विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकता है।
