पूरे साल की कमाई और डेब्ट में कटौती
जहां Q4 के नतीजे दमदार रहे, वहीं पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए Oberoi Realty का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15.16% बढ़कर ₹6,304 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹2,507 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने अपने लॉन्ग-टर्म डेब्ट को भी काफी कम किया है, जो पिछले साल ₹2,894 करोड़ से घटकर इस साल ₹2,364 करोड़ रह गया है।
शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड की सौगात
कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स को ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का इंटरिम डिविडेंड देने का भी फैसला किया है, जो कंपनी के मजबूत प्रदर्शन का संकेत है।
ऑडिट रिपोर्ट और एक बार का खर्च
अच्छी खबर यह है कि कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कोई खास आपत्ति नहीं जताई है। हालांकि, इस तिमाही में एक बार के स्पेशल एक्सपेंस के तौर पर ₹23.06 करोड़ का चार्ज दर्ज किया गया है। यह खर्च नए लेबर कोड रेगुलेशन के कारण आई एडिशनल एक्चुअरल ऑब्लिगेशन्स से जुड़ा है और इसे नॉन-रिकरिंग (Non-recurring) माना जा रहा है, यानी भविष्य में इसका असर नहीं होगा।
मजबूत परफॉरमेंस का मतलब
Q4 में रेवेन्यू में 50% से ज़्यादा की ग्रोथ कंपनी के प्रोजेक्ट्स की मजबूत डिमांड और उनके एग्जीक्यूशन की सफलता को साफ तौर पर दर्शाती है। यह लगातार सालाना ग्रोथ कंपनी की मजबूत सेल्स मोमेंटम और मार्केट में अच्छी पकड़ को दिखाती है।
कंपनी की स्ट्रेटेजी
लॉन्ग-टर्म बोर्रोइंग में कमी लाना कंपनी की फाइनेंसियल हेल्थ को और मज़बूत करता है, जिससे उसे भविष्य में ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। कंपनी ने डेब्ट घटाने को अपनी अहम फाइनेंसियल स्ट्रेटेजी बनाया है।
कॉम्पिटिशन में बढ़त
अपनी इस शानदार परफॉरमेंस और डेब्ट घटाने के प्रयासों के चलते, Oberoi Realty रियल एस्टेट मार्केट में अपने प्रतिद्वंद्वियों जैसे DLF Ltd, Prestige Estates Projects Ltd, और Godrej Properties Ltd के मुकाबले एक मजबूत स्थिति में आ गई है। खास तौर पर Q4 में 50.31% की रेवेन्यू ग्रोथ इसे खास तौर पर सबसे आगे रखती है।
आगे क्या उम्मीद करें
शेयरहोल्डर्स उम्मीद कर सकते हैं कि Oberoi Realty आगे भी प्रॉफिटेबल ग्रोथ और वैल्यू क्रिएशन पर फोकस करेगी। बेहतर फाइनेंसियल हेल्थ, कम डेब्ट और मजबूत रेवेन्यू कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करते हैं।
